गोबर खरीदी मामले पर विधानसभा में चर्चा, विधायक के सवाल का जवाब नहीं दे पाए मंत्री चौबे

- विधायक शर्मा के सवाल का जवाब नहीं दे पाए मंत्री चौबे
- कितनी राशि रखी है गोधन न्याय योजना मद में

By: Ashish Gupta

Updated: 05 Mar 2021, 07:26 PM IST

भाटापारा. विधानसभा में गोधन न्याय योजना (Godhan Nyay Yojana) के तहत गोबर खरीदी व भुगतान मामले में विपक्ष विधायक शिवरतन शर्मा ने कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे को घेरा। उन्होंने पूछा कि गोबर खरीदी करने वाली एजेंसी कौन सी है? खरीदी के लिए किन लोगों की नियुक्ति की गई है? इस पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि पंचायतीराज अधिनियम के तहत गोठान ग्राम पंचायतों की प्रॉपर्टी है। पंचायतों द्वारा समितियां गठित की गई हैं।

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विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि ग्राम सभाओं से समिति बनाने का प्रस्ताव मंगाया गया था? 90 फीसदी से ज्यादा समिति अनुशंसाओं के विपरीत बनाए गए हैं। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा- फरवरी के पहले तक ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से गोबर खरीदी का भुगतान किया गया। इसके बाद कृषि विभाग के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है।

शर्मा ने कहा कि 14वें और 15वें वित्त आयोग की राशि से भुगतान के लिए पंचायतों पर दबाव बनाया जा रहा है। यह राशि गांवों के आधारभूत विकास के लिए होती है। मंत्री यह बताए कि गोबर खरीदी का भुगतान किन मदों से किया गया। चौबे ने कहा- मद का भुगतान गोधन न्याय योजना के तहत ही किया गया, जो सेस हमने लगाया उसके जरिये भुगतान हुआ है।

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शर्मा ने कहा कि मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं। 40 लाख टन से ज्यादा गोबर खरीद कर रखा गया है। इसका इस्तेमाल दो महीने के भीतर नहीं किया गया तो यह उपयोग लायक नहीं रह जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि. 6 हजार 200 से ज्यादा गोठान निर्मित हो गए हैं। विधायक ने कहा- मंत्री जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने पूछा कि कितनी राशि गोधन न्याय योजना मद में रखी गई है? कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे सदन में जवाब नहीं दे पाए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायकों ने फिर सदन से वॉकआउट किया।

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