धान खरीदी बंद होने के कगार पर, दर्जनभर उपार्जन केंद्रों में बारदाने की कमी

- किसानों को उठानी पड़ रही परेशानी, नहीं मिल रही तारीख।
- जिला खाद्य अधिकारी बारदाना संकट होने से कर रहा इनकार।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 01 Jan 2021, 01:12 PM IST

बलौदा बाजार। बारदाना की कमी ( lack of bardana) की वजह से जिले के दर्जनभर से अधिक उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी (Paddy procurement) बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। जानकारी के अनुसार जिले के अधिकांश उपार्जन केंद्रों में गिनती के बारदाने बचे हैं, जो आजकल में खत्म हो जाएंगे। बावजूद इसके जिला खाद्य अधिकारी ने जिले में बारदाना संकट ना होने के दावे किए हैं। वहीं, गुरुवार शाम को कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए किसानों के बारदानों में भी धान खरीदी को भी अनुमति दी है।

विदित हो कि जिले में बारदाना की जबरदस्त कमी ने धान खरीदी को प्रभावित कर दिया है। जानकारी के अनुसार जिले के अधिकांश समितियों में बारदाना खत्म हो चुका है, जिसकी वजह से खरीदी बंद होने के कगार तक पहुंच चुकी है। कई समितियों ने तो बारदाना की कमी को किसानों को बताते हुए टोकन में तारीख भी नहीं लिखी है तथा टोकन जारी कर दिया है, ताकि बारदाना की व्यवस्था होते ही किसानों को नई तारीख बता कर धान खरीदी के लिए बुलाया जा सके।

बीते कई दिनों से समितियों में बारदाना की कमी ( lack of bardana) झेलनी पड़ रही है जिसकी वजह से कई बार तो किसानों को उपार्जन केंद्र तक धान ले जाकर बारदाना ना होने पर वापस धान को ले जाना पड़ता है। वहीं, धान की चौकीदारी करनी पड़ती है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के खरतौरा, छरछेद, कुम्हारी, बिटकुली, खैरा, सुहेला, खपरीडीह, लटुवा, रोहरा, पाटन, मोहरा, डोंगरिया, संकरी, मलदा, खैरा (लवन), सरखोर, रसेड़ा, रोहांसी, कोसमंदी, दतान, जरव, बलौदी, कोसमंदा, भवानीपुर, वटगन, बिलाईगढ़, सुहागपुर, कटगी जैसे कई उपार्जन केंद्रों में गिनती के बारदाना बचा है,जो खत्म होने पर धान खरीदी बंद हो सकती है।

किसानों के बारदानों पर धान खरीदी की अनुमति
कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने बताया कि धान बेचने के लिए किसान अपने स्वयं के जूट बारदानों का उपयोग कर सकते हैं। प्रति बारदानें 15 रुपए के हिसाब से उन्हें भुगतान भी किया जाएगा। बारदानों की किल्लत को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के बारदाने पर धान खरीदी (Chhattisgarh Paddy procurement) करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि जिले की कार्य-योजना के अनरूप इस साल 37897 गठान बारदानें की जरूरत थी। किन्तु, विभिन्न कारणों से जिले को अब तक केवल 17606 गठान ही प्राप्त हुए हैं। स्थानीय स्तर की व्यवस्था जैसे राइस मिल व पीडीएस के बारदाने भी नाकाफी साबित हुए हैं।

इसलिए सीधे किसानों के बारदानों से धान खरीदी (Paddy procurement) करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। इससे धान खरीदी का कार्य भी सुविधाजनक तरीके से चलेगा और किसानों को भी किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी। किसानों को उपलब्ध कराए गए बारदानों का भुगतान प्रति सप्ताह उनके बैंक खाते में की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में इस साल 6 लाख 86 हजार मिट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल 2 लाख 95 हजार मीटरिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। कलेक्टर जैन ने किसानों को अपने स्वयं के बारदाने का इस्तेमाल करते हुए धान का विक्रय करने का अनुरोध किया है।

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