Corona: अंतिम संस्कार के लिए दिशा-निर्देश जारी, परिजन देख सकते हैं बस एक बार चेहरा, अंतिम यात्रा में हों इतने लोग शामिल

- शरीर से संक्रमण की आशंका कम, फिर भी सावधानी जरूरी

 

By: Abhishek Gupta

Published: 10 Jun 2020, 09:38 PM IST

बलरामपुर. कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर कदम पर खास सावधानी बरतने की जरूरत है। इसका वायरस नाक और मुंह से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित करता है, इसलिए कोरोना संक्रमित की मौत के बाद उसके शव परीक्षण और अंतिम संस्कार के दौरान भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इस बारे में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बकायदा दिशा निर्देश जारी किये हैं जिसमें सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

शव से कदापि न लिपटें-

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने बुधवार को बताया स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार आस-पास ही करना चाहिए। परिजन अपने सम्बन्धी का केवल एक बार चेहरा देख सकते हैं, गले मिलने और शव से कदापि न लिपटें। अंतिम संस्कार या अंतिम यात्रा में भी कम से कम लोग शामिल हों। अंतिम संस्कार के लिए शव को ले जाने के दौरान भी विशेष सतर्कता बरती जाए। अस्पताल कर्मचारियों को भी निर्देश है कि ऐसे शव पर एम्बामिंग (शव को देर तक सुरक्षित रखने वाला लेप) न किया जाए। उन्होxने बताया कि आम तौर पर संक्रमित व्यक्तियों की मृत्यु पर पोस्टमार्टम न करने की हिदायत दी गयी है और अगर विशेष परिस्थिति में इसकी जरुरत पड़ी तो इसके लिए अस्पताल वालों को विशेष सावधानियां बरतनी होंगी।

कोरोना वायरस के नोडल अधिकारी डा. ए.के. सिंद्यल ने बताया कि बीते दिनों जिले के एक मरीज की मौत कोरोना से हो चुकी है। कई जगहों पर ऐसा देखा गया है कि समुदाय ने संक्रमित व्यक्तियों के अंतिम संस्कार की इजाजत नहीं दी, इसलिए क्योंकि उन्हें डर था कि इससे संक्रमण फैल जाएगा। ऐसा ना करें बल्कि अंतिम संस्कार में सावधानी बरतें।

शव को परिजनों को सौंपने से पहले के स्वास्थ्य विभाग को निर्देश-

शव में जो भी ट्यूब बाहर से लगे हों उसे निकाल दें। यदि शरीर में कोई बाहरी छेद किया गया हो तो उसे भी भर दें। यह सुनिश्चित किया जाए कि शव से किसी तरह का लीकेज न हो। शव को ऐसे प्लास्टिक बैग में रखा जाए जो कि पूरी तरह लीक प्रूफ हो। ऐसे व्यक्ति के इलाज में जिस किसी भी सर्जिकल सामानों का इस्तेमाल हुआ हो उसे सही तरीके से सेनिटाइज किया जाए।

अंतिम संस्कार से पहले बरती जाने वाली सावधानी, परिजनों को निर्देश

शव को सिर्फ एक बार परिजनों को देखने की इजाजत होगी। शव जिस बैग में रखा गया है, उसे खोला नहीं जाएगा, बाहर से ही धार्मिक क्रिया करें। शव को स्नान कराने, गले लगने की पूरी तरह से मनाही है। शव यात्रा में शामिल लोग अंतिम क्रिया के बाद हाथ-मुंह को अच्छी तरह से साफ करें और सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें। अंतिम संस्कार (जलाना या सुपुर्द -ए-खाक) करने के बाद घर वालों और बाकी लोगों को हाथ और मुंह अच्छे से साबुन से धोने होंगें। शव को जलाने के बाद राख को नदी में प्रवाहित कर सकते हैं। शव यात्रा में कम से कम लोग शामिल हों। शव यात्रा में शामिल गाड़ी को भी सेनेटाइज किया जाए।

Corona virus
Show More
Abhishek Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned