भीषण गर्मी और तपन में बुंदेलखंड में बढ़ी पेयजल समस्या, लोगों में मची त्राहि-त्राहि

भीषण गर्मी और तपन में बुंदेलखंड में बढ़ी पेयजल समस्या, लोगों में मची त्राहि-त्राहि

Neeraj Patel | Publish: May, 11 2019 08:58:29 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

भीषण गर्मी और तपन में बुंदेलखंड के बांदा जिले में पेयजल पानी की समस्या को लेकर त्राहि-2 मची हुई है।

बांदा. बुंदेलखंड की सर जमी पर पेयजल समस्या को लेकर आए दिन तरह-2 के विरोध प्रदर्शन और समस्या के प्रति प्रशासन को लोगों द्वारा अवगत कराया जाता रहा है। इस भीषण गर्मी और तपन में बुंदेलखंड के बांदा जिले में पेयजल पानी की समस्या को लेकर त्राहि-2 मची हुई है। जिसको लेकर शासन से प्रमुख सचिव का निरीक्षण आज मंडल जल संस्थान कार्यालय का किया गया और जल आपूर्ति में होने वाली समस्या का समाधान करने के लिए त्वरित कार्ययोजना बनाकर आठ से 10 दिन के अंतराल में पानी की समस्या का समाधान करने को कहा है।

जल संस्थान के कर्मचारियों और ठेकेदारों के पूर्व बकाया भुगतान के लिए बांदा डिवीजन को तीन करोड़ रुपए शासन स्तर से दिया गया और पेयजल आपूर्ति की वर्तमान समस्या पर 88 लाख रुपए डब्ल्यूटीपी के लिए दिया गया जिस से जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।

बांदा जिले में भीषण पानी की समस्या को लेकर उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव विनोद कुमार सिंह द्वारा आज मंडल जल संस्थान भूरागढ़ का निरीक्षण किया गया। साथ में बने इनटेक वेल को भी देखा पानी की समस्या पर जल संस्थान के अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान का रास्ता निकालते हुए बताया कि बांदा डिवीजन के लिए डब्ल्यू.टी.पी. पानी की कमी न हो। पानी की सप्लाई के लिए अट्ठासी लाख रुपए जल संस्थान को दिया गया है और बांदा डिवीजन के लिए ठेकेदारों और कर्मचारियों के वेतन संबंधी भुगतान के लिए तीन करोड़ रुपए शासन से प्रस्तावित मंजूरी दी गई है।

हमारे पास पानी की कमी नहीं है, और न ही संसाधनों की, जिन उपकरणों में खामियां हैं, उनको तत्काल दुरुस्त करवाया जाए। हमारे पास पर्याप्त पाइप हैं। पेयजल संकट से निपटने के लिए एक कार्य योजना रिक्वायरमेंट के साथ में बिजली होने पर जल संस्थान की टंकियों पर पानी स्टोर किया जाए और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पहले से जो बने हैं रोजाना भरवाया जाए, यह सारी व्यवस्थाएं होने से शहर के प्रत्येक आदमी को 135 लीटर पानी की व्यवस्था दो लाख की आबादी तक के क्षेत्र में आसानी से की जा सकती है।

विनोद कुमार सिंह द्वारा यह भी बताया गया व्यवस्था की सघन में मॉनिटरिंग कर हफ्ते 10 दिन के अंतर्गत हर हालत में पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा और शहर के अंदर जहां पर भी पानी की समस्या है, उन क्षेत्रों का भ्रमण कर पानी भेजने का हर प्रयास किया जाएगा।

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