कोटेदार के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन

कोटेदार के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन

Abhishek Gupta | Publish: Sep, 11 2018 09:55:47 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

बाँदा में कोटेदारों के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन लगातार होता चला जा रहा है, लेकिन विभाग की अनदेखी से कोटेदारों पर कार्यवही ना होने से उनके हौसले बुलंद हैं।

बाँदा. बाँदा में कोटेदारों के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन लगातार होता चला जा रहा है, लेकिन विभाग की अनदेखी से कोटेदारों पर कार्यवही ना होने से उनके हौसले बुलंद हैं। आज बाँदा के बड़ोखर खुर्द ब्लाक के लामा गाँव के ग्रामीणों ने महिला कोटेदार व उसके पति शिवबली वर्मा पर कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों पर कोटेदार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगते हुए जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौपकर कोटेदार के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की, साथ ही कोटेदार का लाइसेंस रद्द करने को कहा है। ग्रामीणों ने कहा की कोटेदार पति दुकान में बैठकर शराब पीता है, गल्ला लेने से गए ग्रामीणों से बदसलूकी करता है और ग्रामीणों को राशन वितरण में गड़बड़ी करता है, रोकने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करता है व हरिजन एक्ट में फ़ंसाने व 376 लगवाने की धमकी देता है।

जिले के बड़ोखर खुर्द ब्लाक क्षेत्र के लामा गाँव के दर्जनों ग्रामीण आज बाँदा कलेक्ट्रेट पहुँचे व गाँव की महिला कोटेदार आशा देवी व उसके पति शिवबली वर्मा पर कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर कोटेदार के विरुद्ध कार्यवाही की माँग की। ग्रामीणों ने कोटेदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम लोग लामा गाँव के निवासी हैं, गाँव का कोटेदार साल में 6 महीने कोटे का गल्ला ब्लैक कर देता है। उन्होंने आगे कहा कि गाँव के कोटेदार द्वारा उनका उत्पीड़न किया जा रहा है, सरकार की तरफ से जो राशन दिया जाता है वो कोटेदार हमें नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा की कोटेदार पति शिवबली कोटे में ही बैठकर शराब पीता है और जब हम लोग राशन लेने जाते हैं तो हमारे साथ अभद्रता की जाती है और कोटेदार द्वारा पूरे राशन की कालाबाजारी कर ली जाती है, चाहे मिट्टी का तेल हो, गेहूँ या शक्कर या अन्य सामग्री।

उन्होंने आगे कहा कि गाँव के आधे लोगों को गल्ला मिलता है। बाकी को ये कहकर भगा दिया जाता है कि जितना सरकार से मिला है, उतना बाँट दिया है अब नहीं है। ग्रामीणों ने बताया की राशन माँगने पर कोटेदार उनसे अभद्र व्यव्हार करता है, मारने-पीटने की धमकी देता है। ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार जात से हरिजन है, मना करने पर हरिजन एक्ट लगवाने व बलात्कार में फ़साने की धमकी देता है।

ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार कहता है कि मेरी उच्च अधिकारियों से पकड़ है, मैं उनको पैसा देता हूँ, तुम लोग मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकते हो। इसी समस्या को लेकर को लेकर आज हम सभी ग्रामीण जिलाधिकारी से मिले हैं व कोटेदार के विरुद्ध कार्यवाही करने व कोटा निरस्त करने की मांग की है।

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