कालभैरवेश्वर मंदिर में मुख्यमंत्री ने की विशेष पूजा

Shankar Sharma

Publish: Jun, 14 2018 09:23:49 PM (IST)

Bangalore, Karnataka, India
कालभैरवेश्वर मंदिर में मुख्यमंत्री ने की विशेष पूजा

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को आदिचुंचनगिरी क्षेत्र में स्थित कालभैरवेश्वर मंदिर में विशेष पूजा, अनुष्ठान में भाग लिया।

मंड्या. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को आदिचुंचनगिरी क्षेत्र में स्थित कालभैरवेश्वर मंदिर में विशेष पूजा, अनुष्ठान में भाग लिया। बताया जाता है कि विधानसभा चुनाव प्रचार से पहले कुमारस्वामी ने इस मंदिर मन्नत मांगी थी, जिसके तहत अमावस के दिन इस विशेष पूजा का आयोजन किया गया था।


आदिचुंचनगिरी मठ के प्रमुख निर्मलानंदनाथ स्वामी के नेतृत्व में संपन्न इस पूजा में मुख्यमंत्री की पत्नी अनीता कुमारस्वामी ने भाग लिया। लघु सिंचाई मंत्री सी.एस.पुट्टराजू, विधायक सुरेश गौड़ा उपस्थित थे।

स्तुति के साथ भावों को जोड़ें
केजीएफ. वर्धमान श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में साध्वी संयमलता, साध्वी अमितप्रज्ञा, साध्वी कमलप्रज्ञा, साध्वी सौरभप्रज्ञा आदि ठाणा ४ के सान्निध्य में महामंगलकारी पैसंठिया छंग का अनुष्ठान हुआ।
मंत्रोच्चारण के बाद धर्मसभा में साध्वी संयमलता ने कहा कि स्तुति के साथ भावों को कनेक्ट करने से पाप भावना पलायन कर जाती है और आत्म कल्याण की भावना खिल उठती है।

पैंसठिया छंद में चौबीस तीर्थंकरों की स्तुति है, जिसकी रचना आचार्य धर्मसिंह महाराज ने की। तीर्थंकरों की स्तुति करते करते उत्कृष्ट रसायन आ जाए तो तीर्थंकर गोत्र का बंध होता है। प्रारंभ में कांतिलाल दुग्गड़, सुरेश जैन ने मंगल कलश स्थापना की। कांतिलाल आनंद कुमार दुगड़ परिवार ने जाप किया। साध्वीवृंद का संभावित विहार बंगारपेट, कोलार, होसकोटे होते हुए बेंगलूरु की ओर होगा।

पुरुषोत्तम मास पर निकली पैदल संघयात्रा
मैसूरु. राजस्थानी विष्णु समाज महिला मित्र मंडल के तत्वावधान में महिलाओं ने पुरुषोत्तम मास के समापन व अमावस्या के मौके पर धोडवोकलगेरी मोहल्ला से पैदल संघयात्रा निकाली। महिलाओं ने सामूहिक कीर्तन किया। अमृतलाल भट्ट ने पुरुषोत्तम भगवान की कथा का श्रवण कराया। जालमसिंह, ओमप्रकाश तिवारी, भबूताराम देवासी ने संघयात्रा की व्यवस्था संभाली।

पुष्प आश्रय में आचार्य का स्वागत
मंड्या. सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ जिनालय से आचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर के बुधवार को विहार कर तुबिनकेरे स्थित पुष्प आश्रय पहुंचने पर जैन समाज के लोगों ने स्वागत किया। इस मौके पर घेवरचंद, राजेश कुमार, ऋषभ जैन परिवार ने संतों का बहुमान किया। सभा में आचार्य ने कहा कि दीक्षा लेते समय अपने नाते, रिश्तेदारों का साथ छोडऩा आसान है, लेकिन मनुष्य अपनी अंतिम जीवन में देह का त्याग करना बहुत ही मुश्किल है।

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