कांग्रेस नेता ने दिया भाजपा को सत्ता में आने का मौका

कांग्रेस नेता ने दिया भाजपा को सत्ता में आने का मौका
कांग्रेस नेता ने दिया भाजपा को सत्ता में आने का मौका

Santosh Kumar Pandey | Updated: 23 Aug 2019, 04:53:15 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

  • पूर्व सीएम ने कांग्रेस नेता पर लगाया बड़ा आरोप
  • समर्थक विधायकों को उकसाकर गिराई गठबंधन सरकार
  • सिद्धरामय्या कांग्रेस के नेता रहे तो समझौते का सवाल नहीं

बेंगलूरु. पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरामय्या उनके लिए भाजपा से भी बड़े राजनीतिक शत्रु हैं।

कुमारस्वामी ने एक साक्षात्कार में पहली बार सिद्धरामय्या पर खुलकर प्रहार किए हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धरामय्या ने राजनीतिक करामात से मुख्यमंत्री पद हटाकर येडियूरप्पा को सत्ता में आने का अवसर दिया है। येडियूरप्पा ने मंत्रिमंडल का पूर्ण गठन करने से पहले फोन टेपिंग कांड की सीबीआई जांच की सिफारिश की है और इसके लिए भी सिद्धरामय्या ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ेके साथ उनके कोई मतभेद नहीं हैं। इस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी जनता दल-एस के साथ गठबंधन के बारे में जो भी निर्णय करेगी उसे मानने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। लेकिन, यदि कांग्रेस सिद्धरामय्या के नेतृत्व में आगे बढ़ती है तो कांग्रेस के साथ कोई संबंध नहीं रखेंगे। क्योंकि, इससे तो भाजपा ही कहीं अच्छी है।

कुमारस्वामी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उनके परिवार के सदस्य के मुख्यमंत्री के तौर पर सत्ता में आना सिद्धरामय्या सहन नहीं कर सके। जद-एस कांग्रेस गठबंधन की सरकार के सत्ता में आने के पहले ही दिन से सिद्धरामय्या हमारे खिलाफ हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके द्वारा लागू किए गए कार्यक्रमों की लोकप्रियता को सिद्धरामय्या पचा नहीं पाए।

वे हर बार अपने समर्थकों को उकसाकर कांग्रेस में बगावत उत्पन्न कराई। इतना ही नहीं,सरकार गिराने के लिए उनके समर्थक व करीबी नेता ही जिम्मेदार हैं। सिद्धरामय्या के ही मार्गदर्शन में ये विधायक अपनी सदस्यता से त्यागपत्र देकर भाजपा के साथ जाने के लिए तैयार हुए हैं। 14 माह तक इस झंझट से वे भी तंग आ चुके थे और कांग्रेस के प्रदेश स्तर व राष्ट्रीय स्तर के नेता इस बारे में अच्छी तरह से जानते हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सिद्धरामय्या को अनेक बार गठबंधन सरकार को बचा लेने के लिए सलाह व निर्देश दिए लेकिन उनका खेल देखकर प्रदेश के नेता कुछ नहीं कर पाने के कारण हाथ बांधकर बैठे रहे।

कुमारस्वामी ने कहा कि जब वे अमरीका प्रवास पर गए तभी कांग्रेस विधायकों के भाजपा के साथ जाने की पुख्ता जानकारी मिली। लेकिन उन्होंने हर बार सरकार बचाने की कोशिश की। अंतिम संघर्ष के दौरान उन्होंने भी पल्ला झाड़ लिया।

उन्होंने कहा कि मुंबई में जाकर डेरा डालने वाले असंतुष्ट विधायकों में से कुछ लोग लौटने के लिए तैयार थे लेकिन सिद्धरामय्या लौटकर आने वालों को विशेष विमान में बिठाकर दुबारा मुंबई भेजने की व्यवस्था कर रहे थे। अंतत: उन्होंने कांग्रेस के नेताओं पर सरकार बचाने की जिम्मेदारी डाल दी और हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद क्या कुछ हुआ इस बारे में सभी जानते हैं।

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