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पहले की तुलना में तेजी से स्वस्थ हो रहे कोविड मरीज: चिकित्सक

locationबैंगलोरPublished: Jan 05, 2024 10:20:33 pm

Submitted by:

Nikhil Kumar

  • ज्यादातर को हल्के से मध्यम लक्षण

पहले की तुलना में तेजी से स्वस्थ हो रहे कोविड मरीज: चिकित्सक
पहले की तुलना में तेजी से स्वस्थ हो रहे कोविड मरीज: चिकित्सक

Karnataka में कोरोना वायरस के नए सब वेरिएंट जेएन.1 के संक्रमितों की संख्या 199 पहुंच गई है जबकि 601 नमूनों में से 339 की रिपोर्ट आनी बाकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक कुल 601 नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं जिनमें से 262 नमूने के नतीजे आए हैं और जेएन.1 की सकारात्मकता दर 76 फीसदी रही। राज्य में 55 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं और 20 दिसंबर के बाद से 10 से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है। हालांकि, इनमें से ज्यादातर मृतक अन्य बीमारियों से भी जूझ रहे थे।

अस्पतालों पर दबाव बढ़ने की संभावना कम

संक्रमितों की संख्या बढ़ने पर अस्पतालों पर दबाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव और चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. शरण प्रकाश पाटिल के अनुसार विशेषकर सरकारी अस्पताल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। निजी अस्पतालों को भी पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, कोविड मरीजों के उपचार में लगे ज्यादातर चिकित्सकों ने अस्पतालों में भर्ती होने वाले संक्रमितों की संख्या कम रहने की संभावना जताई है। ज्यादातर मरीजों को हल्के से मध्यम लक्षण हैं और तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।

अन्य कारणों से आए थे अस्पताल

विक्टोरिया अस्पताल में औषधि विभाग के प्रमुख डॉ. रवि ने बताया कि विक्टोरिया अस्पताल में सात कोविड मरीज जबकि वाणी विलास अस्पताल में तीन मरीज भर्ती हैं। ज्यादातर मरीजों को संयोगवश सकारात्मक पाया गया। सीओपीडी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और तपेदिक आदि के कारण ये मरीज अस्पताल पहुंचे थे। नियमित जांच में कोविड पॉजिटिव निकले। ऐसे मरीजों को आइसीयू में भर्ती कर उपचार करना पड़ रहा है। ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है। उनकी अन्य बीमारियों का इलाज किया जा रहा है।

फ्लू जैसे लक्षण अधिक

आइसीयू में मरीजों की टेली-मॉनिटरिंग टीम के डॉ. अनूप अमरनाथ ने कहा, मरीजों के लक्षण हल्के हैं। पहले की तरह ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ रही है। हम ऊपरी और निचले श्वसन तंत्र में संक्रमण के साथ-साथ गले में खराश के लक्षण देख रहे हैं। जिन लोगों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है, उनमें सह-रुग्णताएं हैं और वे ऑक्सीजन पर हैं, लेकिन वे भी काफी हल्के मामले हैं और उन्हें कम अवधि तक रहने की आवश्यकता है। दूसरी लहर के दौरान, हमने फेफड़ों की गंभीर क्षति और रक्त के थक्के जमने की समस्या देखी, लेकिन उसके बाद, हम फ्लू जैसे अधिक लक्षण देख रहे हैं।

अतिरिक्त सावधानी की जरूरत

उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से प्रभावित होने वाला सबसे आम आयु वर्ग बुजुर्ग आबादी है, खासकर वे जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है और जिन्हें पहले से अन्य बीमारियां हैं। ऐसे में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है।

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