कांग्रेस छोड़ें पूर्व मंत्री एमबी पाटिल : माते महादेवी

कांग्रेस छोड़ें पूर्व मंत्री एमबी पाटिल : माते महादेवी

Shankar Sharma | Publish: Jun, 14 2018 09:32:00 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

लिंगायत समुदाय को अलग धर्म की पहचान के लिए संघर्ष करनेवाले पूर्व मंत्री एमबी पाटिल को कांग्रेस ने मंत्री पद से वंचित रखकर कर अपमानित किया है लिहाजा उन्हें पार्टी त्यागपत्र देना चाहिए।

बेंगलूरु. लिंगायत समुदाय को अलग धर्म की पहचान के लिए संघर्ष करनेवाले पूर्व मंत्री एमबी पाटिल को कांग्रेस ने मंत्री पद से वंचित रखकर कर अपमानित किया है लिहाजा उन्हें पार्टी त्यागपत्र देना चाहिए। यह बात बसव धर्मपीठ की प्रमुख माते महादेवी कही है।

बुधवार को उन्होंने कहा कि एम.बी. पाटिल ने सिंचाई विभाग के मंत्री के रूप में अच्छा कार्य किया था, इसके बावजूद उनको मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाना लिंगायत समुदाय का ही अपमान है।


उन्होंने कहा कि 17 जून को मैसूर-बेंगलूरु मार्ग पर स्थित कुबंलगुड गांव के निकट स्थित बसव गंगोत्री में बसव उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस उत्सव में कर्नाटक के सभी जिलों के साथ पड़ोसी आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाणा, महाराष्ट्र राज्यों के लिंगायत समुदाय के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उत्सव स्थल पर 111 फीट ऊंची बसव प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

कांग्रेस और जद-एस गठबंधन समन्वय समिति की बैठक आज
बेंगलूरु. राज्य में सत्तारूढ़ जनता दल-एस और कांग्रेस गठबंधन के समन्वय समिति की बैठक गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की अध्यक्षता में होगी, जिसमें मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार, वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट, किसानों का फसली ऋण माफ करने तथा गठबंधन के घटक दलों के साझा न्यूूनतम कार्यक्रम के बारे में महत्वपूर्ण चर्चा के आसार हैं।
मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद कांग्रेस में उभरी बगावत पर अंकुश लगाने के लिए इस बैठक में दूसरे विस्तार की तारीख तय किए जाने की संभावना व्यक्ति की जा रही है।


इसके अलावा बैठक में विधानसभा के उपाध्यक्ष की नियुक्ति, मुख्य सचेतकों के पदों को भरने, विधानसभा में मनोनीत सदस्य की नियुक्ति, राज्य योजना बोर्ड के गठन, निगम बोर्ड में कांग्रेस व जनता दल-एस के कोटे से की जाने वाली नियुक्तियों के संबंध में चर्चा किए जाने के आसार हैं।


सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को होने वाली समन्वय समिति की बैठक में मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद कांग्रेस में उभरे असंतोष के कारण गठबंधन सरकार पर मंडरा रहे खतरे पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।


बैठक में दोनों दलों की तरफ से बनाए जाने वाले जिला प्रभारी मंत्रियों के बारे में भी चर्चा होने के आसार हैं। किसानों का ऋण माफ करने की योजना के बारे में भी बैठक में चर्चा के बाद निर्णय किए जाने की संभावना है।

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