आगम से अनुभव आता है- साध्वी रिद्धिमा

धर्मसभा का आयोजन

By: Yogesh Sharma

Published: 23 Sep 2021, 07:49 AM IST

बेंगलूरु. जयनगर श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ में विराजित साध्वी रिद्धिमा ने कहा कि जैन आगम में ऐसा क्या है जो हमें उसका चिंतन करना आवश्यक है, जैन आगम वह औषधि है जिसे पढ़ लेने मात्र से ही अनेक अनेक कर्मों का क्षय हो जाता है। इस जन्म में किस तरीके से हमें जीना है उसका ज्ञान हमें होता है, धर्म क्या है जीवन में उसका किस रूप में उपयोग होना चाहिए। यह हमें आगम पढऩे के बाद ही समझ में आता है। जीवन का निर्माण कैसे हो जीवन को, परिवार को, संघ को, समाज को, देश को हम किस तरीके से अध्यात्म से जोडक़र संसार को भुगतान कर सकते हैं, यह बात हमें केवल आगम पढऩे के बाद ही मालूम होती है। आगम से अनुभव आता है, आगम कर्म रूपी बीमारी को खत्म करने की औषधि है, डॉक्टर के पास जाते हैं, उस पर हमें भरोसा होता है। डॉक्टर जो भी दवाई देगा उससे हमारी बीमारी ठीक हो जाएगी, ऐसे ही जब हम आगम पढ़ते हैं तो उसके अंदर क्या लिखा है यह ना समझ कर उस पर केवल श्रद्धा के द्वारा चिंतन किया जाए, मनन किया जाए, पठन किया जाए, कर्म रूपी बीमारी अपने आप समाप्त हो जाती है। इसीलिए आगमों को पढऩा आवश्यक है, आगम से ज्ञान सम्यक बनता है, आगमों के अध्ययन से दर्शन सम्यक बनता है, आगमों के अध्ययन से तप सम्यक बनता है, आगम के अध्ययन से चारित्र सम्यक बनता है, यह लाभ होता है आगम पढ़ लेने मात्र का।

Yogesh Sharma Reporting
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