कोरोना कर्फ्यू के पहले 10 दिन में बेंगलूरु शहर में 32 फीसदी बढ़े कोविड मरीज

- इन्क्यूबेशन पीरियड के बाद मामले घटने की आशंका : विशेषज्ञ

By: Nikhil Kumar

Published: 10 May 2021, 05:16 PM IST

बेंगलूरु. कोरोना कर्फ्यू के पहले 10 दिनों में बेंगलूरु शहरी जिले में कोविड के 32 फीसदी मरीज बढ़े हैं। जबकि राज्य में करीब 31 फीसदी ज्यादा नए मरीजों की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार मामले घटने में करीब एक सप्ताह और लग सकते हैं।
कर्नाटक (Karnataka) में 17 से 27 अप्रेल तक नए मरीजों में 22.6 फीसदी का इजाफा हुआ। राज्य में 17 अप्रेल तक कोविड के 11,41,998 लाख मामले सामने आए थे। लेकिन, 27 अप्रेल तक मामले बढ़ कर 14,00,775 लाख पहुंच गए। इसी अवधि में बेंगलूरु शहरी जिले में मरीजों की संख्या 5,33,842 से बढ़कर 6,87,751 पहुंच गई।

राज्य में 27 अप्रेल से सात मई तक कोविड के कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 18,38,8885 पहुंच गई। इसी अवधि में बेंगलूरु शहरी जिले में मरीजों की कुल तादाद 9,08,462 पहुंच गई।

कर्फ्यू के पहले 10 दिन के दौरान राज्य में कोविड के सक्रिय मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। राज्य में 27 अप्रेल तक 3.01 लाख सक्रिय मरीज थे। लेकिन, सात मई को इनकी संख्या 5.36 लाख के पार हो गई।

राज्य कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. गिरिधर आर. बाबू ने बताया कि कर्फ्यू (corona curfew) का प्रभाव सामने आने में करीब एक सप्ताह का समय और लग सकता है। कर्फ्यू या लॉकडाउन के बाद मामले घटने में 10 से 14 दिन का समय लगता है। यह कोरोना वायरस के लिए ऊष्मायन अवधि (Incubation Period - इन्क्यूबेशन पीरियड) है। कफ्र्यू के अभाव में कोविड के नए मरीजों की संख्या और बढ़ जाती। हालात बदतर होतें।

डॉ. गिरिधर ने कहा कि अब तक कर्फ्यू को आंशिक रूप से लागू किया गया। कई क्षेत्रों को छूट मिली। इस दौरान जांच दर भी घटी है। यानी कई संक्रमित जांच के दायरे से बाहर रहे और दूसरों को संक्रमित करते रहे। कम चिकित्सकों व चिकित्सा सुविधाओं के अभाव वाले जिलों में सक्रिय मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ी है।

Nikhil Kumar Reporting
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