‘वह नेता किसी और पार्टी के लेकिन उनका मन भाजपा में’

उन्हें दो नाव की सवारी छोडऩी चाहिए।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 01 Mar 2020, 06:22 PM IST

हासन. जनता दल-एस के प्रदेश अध्यक्ष एचके कुमारस्वामी ने पूर्व मंत्री जीटी देवगौड़ा को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें अगर पार्टी में रहना है तो अनुशासन में रहना होगा। अगर उन्हें जद-एस रास नहीं आ रहा है तो वे त्यागपत्र देकर मनपसंद पार्टी में शामिल होने को स्वतंत्र है।

उन्होंने सकलेशपुर में कहा कि हाल में विधानसभा से विधान परिषद के एक क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव का पार्टी ने बहिष्कार किया था। लेकिन, इसके बावजूद जीटी देवगौड़ा ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था।
कुमारस्वामी ने कहा कि जीटी देवगौड़ा के मतदान मामले से सबक लेते हुए जून माह में प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव में पार्टी अपने सदस्यों को मतदान के लिए व्हिप जारी करेगी। राज्य सभा चुनाव में पार्टी के फैसले का विरोध करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जीटी देवगौड़ा भले ही जद-एस में हंै लेकिन उनका मन भाजपा में है। उन्हें दो नाव की सवारी छोडऩी चाहिए। अगर वे भाजपा या कांग्रेस में जाना चाहते हंै तो इस पर जद-एस को कोई ऐतराज नहीं होगा। कोई अन्य नेता भी जाना चाहे तो उन्हें अपनी राह चुनने की आजादी है। लेकिन, पार्टी में रहकर पार्टी के फैसलों का विरोध करना पार्टी को मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर जीटी देवगौड़ा को कोई शिकायत हो तो चर्चा के जरिये समाधान किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए जीटी देवगौड़ा को भी स्पष्ट राजनीतिक रूख अपनाना होगा।

Santosh kumar Pandey Desk
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