उच्च न्यायालय ने शेट्टर को जारी किया नोटिस

उच्च न्यायालय ने शेट्टर को जारी किया नोटिस

Shankar Sharma | Publish: Sep, 09 2018 11:07:59 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

विधानसभा चुनाव में ईवीएम तथा वोटों की गलत गिनती का आरोप लगाकर सौंपी गई याचिका के संबंध में विधायक जगदीश शेट्टर को उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी किया है।

हुब्बल्ली. विधानसभा चुनाव में ईवीएम तथा वोटों की गलत गिनती का आरोप लगाकर सौंपी गई याचिका के संबंध में विधायक जगदीश शेट्टर को उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी किया है। जगदीश शेट्टर के खिलाफ हुब्बल्ली-धारवाड़ सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से पराजित कांग्रेस उम्मीद्वार डॉ. महेश नालवाड ने उच्च न्यायालय में चुनाव आपत्ति याचिका दायर की थी।


शुक्रवार को इस आवेदन की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ए.एस बोपण्णा के एक सदस्यीय न्याय पीठ ने जगदीश शेट्टर समेत क्षेत्र में चुनाव लडऩे वाले सभी उम्मीद्वारों को नोटिस जारी कर सुनवाई की तीथि आगे बढ़ाई है। हुब्बल्ली-धारवाड़ सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र में चुनाव जीतने वाले जगदीश शेट्टर को मिले वोटों तथा इस क्षेत्र में हुए कुल मतदान में बहुत अंतर है। ईवीएम तथा वीवी पैट में स्थित वोट एक दूसरे से मेल नहीं खाए। इसके चलते इस क्षेत्र के वोटों की दुबारा गिनती करने के लिए निर्वाचन आयोग को निर्देश देने की मांग को लेकर पराजित अभ्यर्थी डॉ. महेश नालवाड़ ने अदालत में याचिका दायर की थी।


दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करे चुनाव आयोग
हुब्बल्ली. प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा इकाई के उपाध्यक्ष डॉ. महेश नालवाड ने कहा कि हुब्बल्ली-धारवाड़ सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में अनियमितता बरती गई है। निर्वाचन आयोग को इसे ठीक कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए। शहर के पत्रकार भवन में शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में डॉ. नालवाड ने कहा कि चुनाव मतगणना में ईवीएम तथा वीवीपैट के बीच मेल नहीं था। मतगणना केंद्र स्थित प्रिसाइडिंग अधिकारी की डायरी भी पूरी नहीं थी। ईवीएम मशीन के एक बार शुरू होकर बंद होने पर सात कोरे (ब्लैंक स्लिप) पर्चे गिरते हैं परन्तु मतदान केंद्र संख्या 135 में 204 कोरे पर्चे मिले हैं। ऐसा है तो इस मतदान केंद्र में मतदान के दिन ईवीएम मशीन 29 बार बंद कैसे हो सकती है। मतदान के समय से 15 मिनट पहले ईवीएम मशीन को बंद किया गया था। हमने सभी आंकड़ों के बारे में निर्वाचन आयोग से 15 मई को शिकायत की थी।

इसके अलावा निर्वाचन अधिकारी ने नतीजे आने से पहले ही भाजपा उम्मीद्वार के जीत हासिल करने की घोषणा की जो संदेह का कारण बना हुआ है। इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए निर्वाचन अधिकारी को आचार संहिता उल्लंघन के आरोप के तहत इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कठिन कार्रवाई करनी चाहिए और मुझे विजेता अभ्यर्थी घोषित करने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में सौंपी गई याचिका को अदालत ने स्वीकार किया है।

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