बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोग न फैलने पाए: मंत्री

बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों से किया संवाद

By: Santosh kumar Pandey

Published: 19 Oct 2020, 06:58 PM IST

बेंगलूरु. स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संभावित संक्रामक रोगों के प्रकोप को रोकने के लिए युद्धस्तर पर उचित एहतियाती उपाय शुरू करें। उन्होंने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बागलकोट, विजयपुर, कलबुर्गी, यादगिरी, कोप्पल और बेलगावी जिले के जिलाधिकारियों से हालात की समीक्षा की।

150 से अधिक गांव पानी से घिरे

मंत्री ने बताया कि बाढ़ से कलबुर्गी जिला सबसे बुरी तरह प्रभावित है जिसमें 150 से अधिक गांव पानी से घिरे हुए हैं और 50 गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। जिले में कुल 23,250 लोगों को सरकारी देखभाल केंद्रों में भेजा गया है। विजयपुर जिले में 27 गांव प्रभावित हैं। एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इस जिले में 1861 लोगों को देखभाल केंद्रों में भेजा गया है। अन्य जिलों में किसी भी राहत केंद्र की आवश्यकता नहीं है।

स्वच्छ पानी और भोजन मुहैया कराएं

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे देखभाल केंद्रों पर प्रभावित लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल और गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान करें। यदि सुरक्षित पीने का पानी उपलब्ध नहीं है, पानी को उबाल कर फि़ल्टर किया जाए और बाढ़ प्रभावित लोगों को प्रदान किया जाए। सरकार ने एक मेनू चार्ट बनाया है और देखभाल केंद्रों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए दिशानिर्देश दिए गए हैं।

वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया जाएगा और चिकित्सा जांच की जाएगी। बुखार और अन्य बीमारियों के लक्षणों वाले लोगों का कोविड परीक्षण किया जाएगा। देखभाल केंद्रों पर मास्क, सैनिटाइजऱ और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।

हालात नियंत्रण में

डॉ. सुधाकर ने संक्रामक रोगों के प्रसार के बारे में कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल इन जिलों में डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य बीमारियों का प्रसार नियंत्रण में है। अगले कुछ महीने महत्वपूर्ण हैं क्योंकि त्योहारी सीजन है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि मौजूदा कोविड स्थिति के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतें। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। हमने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि आवश्यक हो तो मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों का उपयोग करें।
मंत्री ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में मदद के लिए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कर्मियों के लिए आभार व्यक्त किया।

Santosh kumar Pandey Desk
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