वाणी में सत्य होना जरूरी: आचार्य भव्यदर्शन

  • असत्य बोलने वाले पर भरोसा नहीं

By: Santosh kumar Pandey

Published: 03 May 2021, 05:37 PM IST

बेंगलूरु. राजाजीनगर इंडस्ट्रियल टाउन स्थित विमलनाथ जिनालय में विराजित आचार्य भव्यदर्शन सूरी ने जन में सज्जन बनने की टिप्स देते हुए कहा कि वाणी में सत्य होना बेहद जरूरी है।

भला असत्य बोलने वाले पर कौन भरोसा करेगा। एक बार असत्य बोलकर अविश्वास पैदा कर दिया उसके बाद वापस विश्वास पैदा करने के लिए काफी साल लग जाते हैं और कड़ी मशक्कत भी करनी पड़ती है। कई लोगों को झूठ बोलने की आदत होती है। ऐसे में आमजनता उसके ऊपर विश्वास कैसे करेगी।

उन्होंने कहा कि एक बार झूठ बोल देते हो तो उस झूठ को सच सिद्ध करने के लिए 100 झूठ का आश्रय लेना पड़ता है। इतना करने के बावजूद भी झूठ कभी सच नहीं होता। शुरुआत से ही झूठ से दूर रहे तो लाभ होगा। सच का साथ छोडऩा मत झूठ का साथ लेना मत। झूठ के पाप से बचने के लिए झूठ बोलने वाले का संग भी मत करना। ऐसे लोगों से दूरी बना लेना आपके हित में होगा।

Santosh kumar Pandey Desk
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