कृषि तथा किसानों तक पहुंचे आधुनिक तकनीक : रेड्डी

किसानों को कृषि उपज की ऑनलाइन बिक्री का अवसर मिलना चाहिए

By: Sanjay Kulkarni

Published: 30 Sep 2020, 07:33 PM IST

बेंगलूरु. दुनिया तेजी से बदल रही है। हर क्षेत्र में आधुनिक तकनीक अपनाई जा रही है। कृषि क्षेत्र को इससे दूर नहीं रखा सकता। किसानों को कृषि उपज की ऑनलाइन बिक्री का अवसर मिलना चाहिए। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विवेक रेड्डी ने यह बात कही।

कर्नाटक अधिवक्ता परिषद की ओर से आयेाजित ऑनलाइन संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि आधुनिक परिवहन सुविधाओं के कारण अब पूरा विश्व ही एक गांव बन गया है। ऐसे में हम कृषि तथा किसानों को नई तकनीक का उपयोग कर कृषि उपज के विपणन से रोक नहीं सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि उपज की ऑनलाइन खरीद होगी तथा यह राशि सीधी उस किसान के खाते में जमा होगी। इसके लिए किसान को किसी को कोई कमीशन देने की आवश्यकता नहीं है। क्या इससे किसानों को फायदा नहीं है? उन्होंने कहा कि किसानों को कुछ राजनेता गलत जानकारी देकर भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने वर्ष 2012 में ही एपीएमसी ऐक्ट में ऐसं संशोधन की वकालत की थी।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस इकाई के विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अधिवक्ता एएस पोन्नण्णा ने कहा कि भाजपा के नेतृत्ववाली केंद्र सरकार ने एपीएमसी ऐक्ट में जो बदलाव किए है इनका लक्ष्य केवल इस क्षेत्र का निजीकरण करना है। भाजपा चाहती है कि कार्पोरेट क्षेत्र कृषि उपज मंडियों का सूत्रधार बने। इस कानून के समर्थन में ऑनलाइन कृषि उपजों को बेचने की बातें की जा रही है लेकिन देश के कितने किसानों के पास यह तकनीक पहुंची है इसका जवाब सरकार के पास नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार को बताना होगा कि कितने किसान ऑनलाइन कारोबार करने में सक्षम है? क्या किसानों के पास ऐसी सुविधाएं मौजूद है? आधुनिक तकनीक का दूरुपयोग कर कुछ बड़ी कंपनियां इस कानून की आड़ में कृषि उपज के मूल्यों का निर्धारण कर सकती हैं। ऐसी तकनीक से निरक्षर किसानों के साथ धोखाधड़ी की जा सकती है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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