महामस्तकाभिषेक महोत्सव: कश्मीर से केसर, आंध्र प्रदेश से आया चंदन

महामस्तकाभिषेक महोत्सव: कश्मीर से केसर, आंध्र प्रदेश से आया चंदन

Shankar Sharma | Publish: Feb, 15 2018 10:40:54 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

गोम्मटेश्वर भगवान बाहुबली के महामस्तकाभिषेक के लिए आवश्यक द्रव्यों यथा, दूध, चंदन, केसर, अष्ट द्रव्य आदि का संग्रहण अंतिम चरण में है।

बेंगलूरु. गोम्मटेश्वर भगवान बाहुबली के महामस्तकाभिषेक के लिए आवश्यक द्रव्यों यथा, दूध, चंदन, केसर, अष्ट द्रव्य आदि का संग्रहण अंतिम चरण में है। १७ फरवरी से होने वाले इस अनुष्ठान में आंध्र प्रदेश के रक्त चंदन और कश्मीर की केसर की व्यवस्था की गई है। कुछ सामग्री दानदाताओं से प्राप्त हुई है और बहुत कुछ की खरीदी हो रही है।


जैन मठ जनसंपर्क समिति के मुख्य संयोजक पीवाई राजेन्द्र कुमार ने बताया कि रोजाना करीब ६०० लीटर दूध की आवश्यकता होगी, जिसके लिए मठ ने कर्नाटक दुग्ध संघ को जिम्मेदारी सौंपी है। वन विभाग से दो टन रक्त चंदन की व्यवस्था करने को कहा गया है, जो कि आंध्र प्रदेश से लाया जाएगा। बहुत से दानदाताओं ने केसर, कच्चा नारियल और गन्ने का रस की पेशकश की है। हासन, तुमकूरु और मण्ड्या जिलों के उत्पादकों ने नि:शुल्क कच्चा नारियल देने की बात कही है।


पहले दिन ५ बजे से शुभारंभ
जैन मठ के प्रमुख चारुकीर्ति भट्टारक ने बताया कि पहले दिन १७ फरवरी को सुबह ५ बजे से महामस्तकाभिशेक अनुष्ठान आरंभ होगा, जो शाम ६ बजे तक चलेगा। १०८ कलश से अभिषेक होगा। दूसरे दिन सुबह ८ बजे से दोपहर १.३० बजे तक १००८ कलश से अभिषेक किए जाएंगे। फिर दो बजे से सामान्य श्रद्धालुओं के लिए भगवान बाहुबली का दरबार खुला होगा। जबकि महामस्तकभिषेक के दौरान जैन संत, साध्वी, कलशधारी और विशिष्ट लोगों को प्रतिमा तक पहुंचने की अनुमति होगी।


मैसूरु से आए तांगे वाले
यात्रियों को श्रीक्षेत्र और स्थानों की सैर कराने के लिए तांगा वाले भी पहुंचे हैं। १५ से अधिक तांगा वाले मैसूरु के हैं। इनके अतिरिक्त महोत्सव के दौरान बैटरी से चलने वाली बग्घियां भी यात्रियों की सुविधा के लिए उपलब्ध होंगी।

तुमकूरु के श्रद्धालु ने दिया ५ लाख रुपए का केसर
महामस्तकाभिषेक के लिए कश्मीर से केसर लाया गया है। कश्मीरी केसर को दुनिया में सर्वोत्कृष्ट माना जाता है और इसकी कीमत भी दूसरे प्रकार के केसर से सर्वाधिक होती है। जम्मू के किश्तवाड़ और कश्मीर के पंपोर में केसर उत्पादक किसान करीब १०० किलोग्राम क्रोकस पुष्प एकत्र करते हैं, तब जाकर २ से ३ किलोग्राम केसर मिल पाता है। महामस्तकाभिषेक पूजा समिति के संयोजक जीडी संतोष कुमार ने बताया कि कश्मीर से केसर मंगाया गया है। इसके अतिरिक्त दान स्वरूप भी केसर प्राप्त हुआ है, जिसमें तुमकूरु के एक श्रद्धालु ने ५ लाख रुपए की कश्मीरी केसर देने की बात कही है।

जिला प्रभारी मंत्री ने लिया जायजा
श्रवणबेलगोला. जिला प्रभारी तथा रेशम मंत्री अरकलगुड मंजू ने बुधवार को सेेवा मंडप में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में बाहुबली भगवान के 88वें महामस्तकाभिषेक महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। जिलाधिकारी रोहिणी सिंधूरी के साथ लोक निर्माण, स्वास्थ्य, पुलिस तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिला मंत्री को तैयारियों की जानकारी दी। मंजु ने पत्रकारों को बताया कि 17 फरवरी को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। उनके लिए 23 विशेष रेलगाडिय़ों की व्यवस्था है।

श्रवणबेलगोला नगर तथा आस-पास के क्षेत्रों में पहुंचने के लिए केएसआरटीसी की 50 बसें लगाई गई हंै। एक सुसज्जित अस्थायी अस्पताल स्थापित किया गया है। बैठक के दौरान मंत्री ने महामस्तकाभिषेक की जानकारी देनेवाला विशेष मोबाइल एप जारी किया। महोत्सव के विशेष अधिकारी नवीनराज सिंह, विधायक सी.एन. बालकृष्णा तथा महामस्तकाभिषेक राष्ट्रीय समिति की अध्यक्ष सरिता एम.के. जैन, कार्यकारी अध्यक्ष एस. जितेंद्र कुमार उपस्थित थे।

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