
मैसूरु दशहरा महोत्सव: महावत, सहायकों के लिए भी विशेष होता है आयोजन
महल परिसर में की जाती है आवास व्यवस्था
मैसूरु. महलों के शहर में दशहरा महोत्सव न सिर्फ हाथियों के लिए बल्कि उनके महावतों और उनके सहायकों सहित उनके परिवार के सदस्यों के लिए बेहद खास होता है। हर वर्ष हाथियों के साथ महावत, सहायक और उनके परिवार के सदस्य मैसूरु आते हैं और महल परिसर में बने विशेष आश्रय में महोत्सव समापन तक निवास करते हैं। इस दौरान उनके बच्चों की शिक्षा के लिए एक अस्थायी स्कूल भी खुल जाता है, जबकि एक आयुर्वेदिक क्लिनिक की स्थापना बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए की जाती है।
प्रशिक्षण के लिए समय कम
हाथियों को शहरी आबोहवा के अनुरूप ढालने और दशहरा के दौरान भीड़ के साथ तालमेल बिठाने के लिए सामान्यत: दो महीने पूर्व मैसूरु लाया जाता रहा है। हालांकि इस बार कोडुगू में आई बाढ़ के चलते हाथियों को प्रशिक्षित करने के लिए करीब 40 दिनों का समय है। देवेगौड़ा ने कहा कि अधिकांश हाथी पांच बार या उससे भी ज्यादा बार महोत्सव में शामिल हो चुके हैं, इसलिए उन्हें माहौल के अनुरूप ढलने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
पूर्व शाही परिवार और सुधामूर्ति को आमंत्रण
राज्य सरकार की दशहरा उच्च स्तरीय समिति के सदस्य जल्द ही पूर्व मैसूरु शाही परिवार के सदस्यों से मिलेंगे और उन्हें महोत्सव के लिए पारंपरिक तरीके से आधिकारिक आमंत्रण देंगे। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त सुधामूर्ति तथा अन्य अतिथियों को आमंत्रण दिया जाएगा।
विधायक ने सुनीं जनसमस्याएं
मंड्या. श्रीरंगपट्टणम विधायक रविंद्र कंठय्या ने केशटहल्ली गांव में जनसमस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने झूलते विद्युत तार व पुराने पोल हटाने, श्मशानघाट मार्ग पर डामरीकरण, शोचालय व रसोई निर्माण की मांग की। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
रूणीचा रामदेव का जागरण 16 को
बेंगलूरु. श्रीरामनाम प्रचार समिति एवं श्याम गौशाला के संयुक्त तत्वावधान में मैसूरु रोड पर राजपुरोहित समाज भवन में 16 सितम्बर को रूणीचा रामदेव जागरण होगा। संस्था सदस्य बिमल सुरोलिया ने बताया कि अपराह्न 3 बजे पूजन होगा। गायक मुन्ना व्यास व साथी कलाकारों तथा स्थानीय गायक शंभुदयाल पारीक, दिनेश तुलस्यान द्वारा भजन प्रस्तुति दी जाएगी।
Published on:
6 Sep 2018, 7:49 PM IST
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