सर्वांगीण विकास में शिक्षा ही नहीं, संस्कार भी जरूरी

सर्वांगीण विकास में शिक्षा ही नहीं, संस्कार भी जरूरी

Ram Naresh Gautam | Publish: Sep, 04 2018 05:20:20 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

उन्होंने कहा कि मजबूत, गहरी और ठोस नींव भूकंप के भारी झटकों के बीच भी इमारत को टिकाए रखती है

बेंगलूरु. शांतिनगर जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ में आचार्य महेंद्र सागर ने कहा कि नींव इमारत को ऊंचाई पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। नींव अगर मजबूत और गहरी हो तो विशाल इमारत बरसों तक उस पर टिक सकती है। नींव यदि कमजोर है तो छोटे से मकान को भी उस पर टिके रहना भारी पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि मजबूत, गहरी और ठोस नींव भूकंप के भारी झटकों के बीच भी इमारत को टिकाए रखती है। यदि कमजोर नींव रही तो भूकंप के मामूली झटके से इमारत धराशायी हो जाती है। उसी तरह व्यक्ति के जीवन के लिए भी वही महत्व संस्कार का है। व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए केवल शिक्षा का नहीं, उससे भी कहीं ज्यादा संस्कारों की जरूरत है।


संसार में जीना है तो अजनबी बनकर जियो
बेंगलूरु. राजाजीनगर स्थानक में साध्वी संयमलता ने कहा कि यदि संसार में जीना है तो अजनबी बनकर जियो, यही जीवन जीने की सर्वोत्तम कला है। उन्होंने कहा कि दुनिया में अपनापन लेकर जीना, समस्त चिंताओं और दुखों का कारण है। साध्वी सौरभप्रज्ञा ने कहा कि परमात्मा से साक्षात्कार के लिए मन में प्यास जरूरी है। संगीता सुरेश छलाणी के सिद्धितप निमित्त संघ ने बहुमान किया। राजस्थान प्रांतीय अध्यक्ष नेमीचंद धाकड़, मुंबई मेवाड़ संघ के प्रमुख पदाधिकारी दिलीप नाबेड़ा, लक्ष्मीलाल वडालमिया आदि ने साध्वीवृंद के दर्शन लाभ लिया। मंत्री ज्ञानचंद लोढ़ा ने बताया कि मंगलवार को मासखमण तपोभिनंदन आयोजित होगा।


विकलांग जगदीश और योगेश ने दिखाया टैलेंट
300 से ज्यादा भामाशाहों का सम्मान
बेंगलूरु. नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर की ओर से रविवार को यहां दिव्यांग टैलेंट शो, भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विकलांग जगदीश पटेल व योगेश दक्ष ने अपने टैलेंट का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को बताने का प्रयास किया कि विकलांगता शरीर में नहीं, लोगों के दिमाग में होती है। कोई भी व्यक्ति लक्ष्य तय कर ले तो विकलांगता कहीं उसके विकास और तरक्की में आड़े नहीं आती।

इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत अग्रवाल ने संस्थान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 30 सालों में साढ़े तीन लाख पोलियोग्रस्त रोगियों के नि:शुल्क ऑपरेशन कर समाज की मुख्य धारा से जोड़ा है। विकलांग युवाओं को आत्मनिर्भर के लिए बनाने विभिन्न तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है। करीब 1500 विकलांग जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। समारोह में विकलांगों के उपचार में सहयोगी बने बेंगलूरु व आसपास क्षेत्र के 300 से ज्यादा भामाशाहों का सम्मान किया गया।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned