किसानों को रुला रही प्याज

किसानों को रुला रही प्याज

Shankar Sharma | Publish: Oct, 14 2018 01:54:19 AM (IST) Bangalore, Karnataka, India

लगातार गिर रहे प्याज के दामों से एक बार फिर किसानों में नाराजगी बढऩे लगी है। मजबूरी में किसान प्याज को सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर है।

हुब्बली. लगातार गिर रहे प्याज के दामों से एक बार फिर किसानों में नाराजगी बढऩे लगी है। मजबूरी में किसान प्याज को सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर है। इस बार प्याज का बम्पर उत्पादन हुआ है, लेकिन किसानों को तीन सौ से सात सौ रुपए प्रति क्विंटल के भाव में प्याज बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे प्याज की लागत निकलना तो दूर गांव से शहर तक प्याज लाने की मजदूरी भी नहीं निकल पा रही है।


प्याज की कीमतों में जबरदस्त गिरावट से परेशान किसान रोने को मजबूर हैं। शहर की कृषि उपज मंडी में प्याज की आवक अधिक होने से किसान औने-पौने दाम पर बिचौलियों के हाथ प्याज बेचने को मजबूर हैं। किसान की इस मजबूरी का फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं और भारी मुनाफा कमा रहे हैं।


कीमतों में भारी गिरावट के कारण किसानों को प्याज के उत्पादन में लगी लागत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। छह माह पहले हर आम व खास को रुलाने वाली प्याज अब किसानों को रुला रही है।


मंडी में प्याज की आवक अधिक होने के कारण किसान प्याज को बिचौलियों के हाथ तीन सौ से सात सौ रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल के भाव में बेचने को मजबूर है। किसानों से कम कीमत में प्याज खरीद कर विचौलिए दो गुना कीमत में मंडी में बेच रहे हैं और भारी मुनाफा कमा रहे हैं।


थोक व खुदरा प्याज की कीमतों में भारी अंतर होने से उपभोक्ता को लूटा जा रहा है। मंडी में तीन सौ से सात सौ रुपए ङ्क्षक्वटल मिलने वाला प्याज खुदरा में 8 से 15 रुपए किलो के भाव बिक रहा है।

लगातार चार बार सूखे ने किसानों की मुसीबतें बढ़ा रखी थीं फिर भी इस बार प्याज की अच्छी पैदावार हुई। पिछले वर्ष प्याज 50-60 रुपए प्रति किलो के दाम से बिक रही थी, उसी प्याज का दाम इस बार इतना कम मिल रहा है कि किसानी का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। एक माह पहले तक यहां पर प्याज 15 से 20 रुपए किलो में बिक रहा था उसी प्याज का दाम गिरकर पांच से दस रुपए तक आ गया है।

नहीं की कटाई
&दशकों से प्याज उगा रहे हैं। इस वर्ष जितना घाटा कभी नहीं हुआ। खाली बोरी का भी तीस रुपए देना है तो आप ही सोचिए। एक क्विंटल प्याज को खेत से मंडी तक पहुंचाने के लिए 1500 रुपए खर्च होते हैं। इसमें कटाई, ग्रेडिंग, परिवहन व बोरी का खर्च भी शामिल है परन्तु मंडी में दाम 700 रुपए हैं। ऐसे में हमीं को हाथ से और अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। फसल पर लगाई पूंजी ही सिर पर पहाड़ जितनी है। इसके चलते कटाव करने नहीं गए। सड़ कर खाद बन जाने के लिए प्याज को खेत में ही छोड़ दिया है। मंजुनाथ, किसान, कुसुगल

प्याज की आवक बढ़ी
हुब्बल्ली कृषि उपज मंडी में स्थानीय प्याज की आवक हो रही है। इस बार अच्छी फसल होने से प्याज की आवक अधिक है। प्रति दिन 125 से 150 ट्रक प्याज की आवक हो रही है। अभी नासिक व पुणे के प्याज की आवक नहीं हो रही है। ग्रेडिंग के हिसाब से प्याज के दाम निर्धारित किए जाते हैं। छोटी प्याज 300 से 6 00 रुपए क्विंटल रुपए के हिसाब से बिक रही है तो अच्छी बड़ी साइज की प्याज 900 से 1100 रुपए क्विंटल बिक रही है।
सी. पाटलिंगप्पा, सचिव, कृषि उपज मंडी हुब्बल्ली

हमारा क्या होगा
पांच एकड़ भूमि में प्याज उगाने के लिए बीज, खाद को छोडक़र 80 हजार रुपए खर्च हुआ है। फसल के हाथ आने के दौरान बारिश नहीं होने से प्याज का साइज घटा है। छोटी प्याज का नीलामी में मनचाहे दाम लगा रहे हैं। एक क्विंटल के सौ रुपए ही देने की बात कहेंगे तो हमारा क्या होगा। शरीफ साब नदाफ, किसान

खर्च भी नहीं मिल पा रहा
चार एकड़ सिंचाई जमीन में तीन सौ बोरी प्याज की फसल आई है। दाम घटने से खेती के लिए किया गया खर्च भी नहीं मिल पा रहा है। सरकार को किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
ईश्वरगौड़ा जीवनगौडर, किसान, बैहट्टी

समर्थन मूल्य देना चाहिए
दो एकड़ जमीन में प्याज की फसल उगाई है। बुआई के लिए आठ हजार रुपए खर्च हुए हैं। दो बार कचरा निकालने के लिए दस हजार रुपए खर्च हुए हैं। आधे में ही बारिश चली गई। अब 15 बोरी प्याज भी मिल पाना कठिन है। इसके कटाई कर बाजार पहुंचाने की ताकत नहीं है। खाद तो बने जानकर खेत में ही छोड़ा है। सरकार की ओर से प्याज का समर्थन मूल्य देना चाहिए। चांदसाब मुल्ला, किसान, बैहट्टी

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