बीता हुआ समय कभी लौटता नहीं

धर्मसभा में बोले ज्ञानमुनि

By: Yogesh Sharma

Published: 16 Sep 2020, 12:10 PM IST

बेेंगलूरु. विजयनगर में विराजित पंडित रत्न ज्ञानमुनि ने कहा कि समय का बड़ा महत्व है। आज सारे संसार का ध्यान समय की ओर है। समय हमारी गति का प्रगति का और हाल चाल का केन्द्र बिंदु बन गया है। समय का महत्व दो कारणों से है। पहली बात तो यह है कि समय कभी रुकता नहीं और दूसरा कारण यह है कि समय कभी लौटता नहीं। भगवान महावीर की अंतिम वाणी कहती है कि जो दिन व रातें बीत जाती हैं वे लौटकर नहीं आती। कहते हैं खोई हुई सम्पत्ति श्रम करने से दुबारा मिल सकती है। विस्मृत ज्ञान अध्ययन से, बिगड़ा हुआ स्वास्थ्य दवाई से पुन: मिलेगा। लेकिन बीता हुआ समय फिर लौटकर नहीं आता। समय का अर्थ बदलना। यदि कोई चीज परिवर्तित न हो तो समय का बोध नहीं हो पाएगा। सुबह सूरज निकलता है, फिर दोपहर होती है फिर शाम हो जाती है। बच्चा था जवान हो गया। जवान से फिर बूढ़ा हो गया। सरकना समय का स्वभाव है। पानी के सतत प्रवाह के समान ही समय की नदी का प्रवाह भी कभी रुकता नहीं। इसमें प्रत्येक व्यक्ति को जीवन का हर कार्य निर्धारित समय पर करना चाहिए। ये अनुभूत है कि समय पर स्टेशन नहीं पहुंचे तो गाड़ी छूट जाती है। समय पर गाड़ी चलाते समय बे्रक नहीं दबाया जाए तो दुर्घटना हो जाती है। यदि किसान से समय पर बीज नहीं बोया तो उसका साल बिगड़ जाता है। माली यदि समय पर पेड़ पौधों को पानी नहीं दे तो वे सूखने लग जाते हैं। समय पर भोजन नहीं किया तो स्वास्थ्य खराब हो जाता है। जैसे खेत सूखने पर वर्षा का मूल्य नहीं है, दीपक बुझने के बाद तेल डालना व्यर्थ है, उसी प्रकार समय निकल जाने के बाद पछताना व्यर्थ है। समय के उपयोग के लिए जागरूकता रखने वाला ही उसका लाभ उठा सकता है।

Yogesh Sharma Reporting
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