शहरी निकाय चुनाव में जीत से कांग्रेस और जद-एस गठबंधन को मिली मजबूती

शहरी निकाय चुनाव में जीत से कांग्रेस और जद-एस गठबंधन को मिली मजबूती

Kumar Jeevendra | Publish: Sep, 04 2018 06:33:01 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

जहां गठबंधन को बहुमत नहीं होगा वहां निर्दलियों को साथ लेंगे

बेंगलूरु. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शहरी निकाय चुनाव में कांग्रेस और जद-एस के बेहतर प्रदर्शन से राज्य में सत्तारुढ़ गठबंधन को भी मजबूती मिलेगी। इस सफलता के कारण अब दोनों पार्टियां अब कम से कम लोकसभा चुनाव तक एक साथ रहेंगी। दोनों पार्टियां पहले ही साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लडऩे की घोषणा कर चुकी हैं। हालांकि, अभी तक दोनों दलों के बीच सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है। दोनों ही पार्टियों के अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश के करने के कारण पिछले दो महीने के दौरान मतभेद भी उभरे हैं लेकिन भाजपा को दूर रखने के मकसद से दोनों पार्टियां राजनीतिक तौर पर साथ रहने को मजबूर हैं। यही कारण है कि अलग-अलग चुनाव लडऩे के बावजूद दोनों पार्टियों ने शहरी निकाय चुनाव परिणाम आने से पहले ही त्रिशंकु जनादेश वाले निकायों में गठबंधन करने की घोषणा कर दी थी। साथ ही जहां गठबंधन को बहुमत नहीं होगा वहां निर्दलियों को साथ लेंगे। चुनाव से पहले कांग्रेस और जद-एस के 'दोस्ताना मुकाबलेÓ के फैसले को लेकर सवाल उठ रहे थे लेकिन सोमवार को आए परिणाम से गठबंधन के नेताओं प्रफुल्लित दिखे।


किसे मिली कितनी सीटें
३ नगर निगम
कुल सीटें : १३५
कांग्रेस : ३६
भाजपा : ५४
जद-एस: ३०
निर्दलीय : १४
बसपा : ०१
अन्य : ००
बहुमत : १, त्रिशंकु: २

53 नगर पालिका
कुल सीटें : १२४६
कांग्रेस : ५१४
भाजपा : ३७५
जद-एस: २१०
निर्दलीय : १३५
बसपा : ०२
अन्य : १०
बहुमत : ३९, त्रिशंकु : १४

29 नगर परिषद
कुल सीटें : ९२६
कांग्रेस : २९४
भाजपा : ३७०
जद-एस: १०६
निर्दलीय : १२३
बसपा : १०
अन्य : २३
बहुमत : १८, त्रिशंकु : ११

20 कस्बा पंचायत
कुल सीटें : ३५५
कांग्रेस : १३८
भाजपा : १३०
जद-एस: २९
निर्दलीय : ५७
बसपा : ००
अन्य : ०१
बहुमत : १६, त्रिशंकु : ०४

जनता ने जुमलेबाजी को नकारा
शहरी निकाय चुनाव परिणाम से साफ है कि कर्नाटक की जनता ने भाजपा की जुमलेबाजी और खोखले वादों को नकार दिया है। राज्य की जनता ने कांग्रेस और जद-एस गठबंधन सरकार के काम को समर्थन दिया है।
रणदीप सूरजेवाला, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस

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