दिनभर उड़ी अफवाहें, नौ हजार मामले दर्ज

दिनभर उड़ी अफवाहें, नौ हजार मामले दर्ज

Santosh Kumar Pandey | Updated: 12 Jun 2019, 05:04:37 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

आइ मॉनिटरी अडवाइजरी (आइएमए) कंपनी के निवेशकों से धोखाधड़ी का मामला पुलिस के लिए जी का जंजाल साबित हो रहा है। निवेशकों से धोखाधड़ी से मामले की जांच की जिम्मेदारी विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी दी गई है। लेकिन शिकायतकर्ताओं की लगातार बढ़ी संख्या और मामले को लेकर दिनभर उड़ रही अफवाहों के कारण पुलिस को हालात पर काबू करना मुश्किल साबित हो रहा है।

पुलिस की नाक में दम करनेवाला अनूठा मामला
बेंगलूरु. आइ मॉनिटरी अडवाइजरी (आइएमए) कंपनी के निवेशकों से धोखाधड़ी का मामला पुलिस के लिए जी का जंजाल साबित हो रहा है। निवेशकों से धोखाधड़ी से मामले की जांच की जिम्मेदारी विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी दी गई है। लेकिन शिकायतकर्ताओं की लगातार बढ़ी संख्या और मामले को लेकर दिनभर उड़ रही अफवाहों के कारण पुलिस को हालात पर काबू करना मुश्किल साबित हो रहा है।

कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस ने सोमवार को तीन काउन्टर स्थापित कर तीन हजार मामले दर्ज किए थे। मंगलवार शाम तक करीब ९ हजार मामले दर्ज किए जा चुके थे और शिकायतकर्ताओं के आने का सिलसिला जारी है। प्रदेश भर से बड़ी संख्या में लोग शिकायत दर्ज कराने आ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं की लगातार भीड़़़ देख कर पुलिस भी परेशान है। उधर, मंगलवार को भी कंपनी के तमाम आभूषण शोरूम, दवा दुकानें, अस्पताल और सुपर मार्केट बंद रहे।
इस बीच पुलिस ने कंपनी के एमडी मोहम्मद मंसूर खान को पकडऩे के लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर अभियान छेड़ दिया है। उसे गिरफ्तार करने के लिए चार विशेष दल गठित किए गए हैं। खान को पकडऩे के लिए पुलिस को विभिन्न राज्यों में भेजा गया है।

जानकार सूत्रों के अनुसार पुलिस को पता चला है कि मंसूर ने अपने परिवार को मुंबई भेज दिया है। पुलिस को गुमराह करने के लिए वह बेंगलूरु दक्षिण क्षेत्र के किसी मोहल्ले में होने का दावा कर रहा है। मंसूर के सभी बैंक खातों को सीज कर दिया गया है।

अब तक करीब नौ हजार मामले दर्ज
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) राहुल कुमार ने बताया कि मंसूर खान का ऑडियो क्लिप नकली है और इस ऑडियो क्लिप की आवाज मंसूर खान की नहीं है। मंगलवार शाम तक कुल ९,००० मामले दर्ज किए जा चुके हैं। बुधवार को भी शिकायतें दर्ज करने का सिलसिला जारी रहेगा।

परिवार के दस सदस्यों के साथ फरार
बताया गया है कि मंसूर खान अपने साथ नानी, तीसरी और चौथी पत्नी तथा बच्चों सहित दस लोगों को लेकर फरार हुआ है। वह अपने साथ शिवाजी नगर और जय नगर स्थित सभी आभूषण, हीरे, मोती और अन्य कीमती चीजें ले गया है। उसके पास कुल १,९०० करोड़ रुपए की संपत्ति बताई गई है। उसने १,२०० करोड़ रुपए अलग खातों में जमा करा रखे हैं। सोमवार सुबह ही १७ करोड़ रुपए एक अन्य खाते में जमा कराए गए हैं।

पुलिस ने रिश्तेदारों से भी की पूछताछ
इस बीच, पुलिस ने आरोपी मंसूर खान के रिश्तेदारों और मित्रों से भी पूछताछ की लेकिन किसी के पास उसके बार में कोई जानकारी नहीं है। शिवाजी नगर और जय नगर चौथे ब्लॉक स्थित दोनों मकानों पर ताले लगे हैं। आभूषण के शोरूम और मकानों के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेजों मे मंसूर खान को तीन वाहनों में परिवार के साथ सामान लेकर जाते देखा गया। इससे स्पष्ट है कि उसका आत्महत्या करने का काई इरादा नहीं है और वह पूरी योजना बना कर गायब हुआ है।

सीएम ने ली उच्च स्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने उप मुख्यमंत्री डॉ.जी.परमेश्वर, गृह मंत्री एम.बी.पाटिल, पुलिस महा निदेशक नीलमणि एन. राजू, सिटी पुलिस आयुक्त टी.सुनील कुमार से चर्चा की है। पाटिल ने बैठक के बाद बताया कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। निवेशकों में फैले डर को देखते हुए ही मामले की जांच एसआइटी से कराने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपी ने आत्महत्या नहीं की है और वह विदेश भाग गया है।
जनप्रतिनिधियों ने गृह मंत्री से की मुलाकात
अल्पसंख्यक जनप्रतिनधियों ने गृह मंत्री एम.बी.पाटिल से मुलाकात की। अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज मंत्री जमीर अहमद खान, खेल मंत्री रहीम खान, विधायक एनए हैरिस, तनवीर सेत, रोशन बेग, विधान परिषद के सदस्य रिजवान अरशद, बीएम फारुख और अन्य नेताओं ने पाटिल से मुलाकात कर मामले की शीघ्र जांच कराने और निवेशकों की रकम वापस दिलाने का अनुरोध किया।

खान आत्मसमर्पण करे तो सुरक्षा मिलेगी
अल्पसंख्यक कल्याण, हज एवं वक्फ मंत्री जमीर अहमद खान ने कहा कि मोहम्मद मंसूर खान आत्म समर्पण करे तो सरकार उसे सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि खान ने आत्महत्या नहीं की है। भागने से कुछ नहीं होगा , उसे लोगों के सामने आकर सच्चाई बतानी होगी। लोगों की मेहनत की कमाई लेकर फरार होना अपराध है। एसआइटी उसकी संपत्तियों का पता लगाएगी और उनकी नीलामी कर लोगों को रकम लौटाई जाएगी।

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