सकारात्मक सोच से जीवन मधुमास: साध्वी आणिमाश्री

गांधीनगर में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 13 Aug 2020, 10:01 PM IST

बेंगलूरु. साध्वी आणिमाश्री ने गांधीनगर तेरापंथ में जप अनुष्ठान के अंतर्गत धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा जन्म व मृत्यु इन दोनों के बीच की कड़ी का नाम है जिन्दगी। हमें जिन्दगी सिर्फ बोझ बनने के लिए नहीं बल्कि जीवन में सूरज उगाने के लिए मिली है।

अगर हम अपने विचार, व्यवहार, भावों को सुंदर व शालीन बना लेते हैं तो न केवल आज संवरेगा बल्कि आने वाला कल अति शानदार व अति सुंदर होगा।

साध्वी ने कहा एक दिन भी जी मगर उल्लास बनकर जी। जिन्दगी को अगर मधुमास बनाना है, उल्लासमय बनाना है, जीवन मे प्रेम व मिठास घोलना है, रिश्तों को एक दूसरे के करीब लाना है तो उनका एक ही रास्ता है-सकारात्मक सोच। सकारात्मक सोच रखोगे तो आपका दिमाग आपके नियंत्रण में रहेगा, आप मन व वाणी से शांत व प्रफुल्लित रहेंगे।

आप जो कुछ कहेंगे उस बात में दम होगा। साध्वी कर्णिकाश्री, साध्वी सुधाप्रभा, साध्वी समत्वयशा ने शांतिनाथ स्तवन किया। साध्वी मैत्रीप्रभा ने जप अनुष्ठान किया।

Santosh kumar Pandey Desk
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