शांत सूर्य में सक्रियता के संकेत, नजर आ रहे काले धब्ब

सौर ज्वालाएं, उच्च ऊर्जा वाले कणों के तूफान का संकेत

By: Rajeev Mishra

Published: 06 Jun 2020, 07:22 PM IST

बेंगलूरु.
पिछले कई महीनों से शांत अवस्था में चल रहा सूर्य अपनी सक्रियता का संदेश देने लगा है। वर्षों पहले की सक्रियता के बाद वैज्ञानिकों की भाषा में एक किस्म से सूर्य अभी ठंडा था।
भारतीय ताराभौतिकी संस्थान के प्रोफेसर (सेनि) रमेश कपूर ने कहा कि सूर्य बेहद गर्म है और इसकी सतह का ही तापमान 5700 डिग्री है। ऐसे में ठंडा कहने का कोई औचित्य नहीं है। दरअसल, बात यह है अक्सर हमें सूर्य की सतह पर काले-काले धब्बे दिखते हैं। ये धब्बे आकार में पृथ्वी या उससे कई गुणा बड़े भी हो सकते हैं। कुछ धब्बे अकेले ना होकर एक समूह में भी होते हैं और जैसे-जैसे सूर्य अपने अक्ष पर घूमता जाता है यह भी उसी के साथ घूमते जाते हैं और कुछ दिनों या सप्ताहों में अदृश्य हो जाते हैं।

विशाल चुंबकीय क्षेत्र
उन्होंने बताया कि सूर्य के धब्बे इसलिए हैं कि क्योंकि वहां शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र के कारण तप्त गैसों का बहाव बेहद नियंत्रित रहता है। चूंकि, यहां तापमान लगभग 4 हजार डिग्री रहता है और इनकी रोशनी में तेजी ना होने के कारण यह स्थान काले धब्बों सरीखे दिखते हैं। लेकिन, यही स्थान सूर्य की सक्रियता के परिचायक भी हैं। सूर्य के धब्बों से संबंधित सूर्य की अनेक अल्पकालिक घटनाएं हमें देखने को मिलती हैं। जैसे सौर ज्वालाएं अथवा उच्च ऊर्जा वाले कणों के तूफान जो कभी कभार पृथ्वी पर भी अपना प्रभाव दिखाते हैं।

सौर चक्र-25 की शुरुआत का संदेश
प्रोफेसर कपूर ने बताया कि सूर्य के धब्बों की संख्या घटती-बढ़ती रहती है और इससे हम सूर्य की सक्रियता का अनुमान लगाते हैं। इस सक्रियता का 11 वर्ष का काल है और इसी दौरान सौर धब्बों की संख्या एक अधिकतम तक जा पहुंचती है और फिर घटने लगती है। इस 11 वर्ष के इस सक्रिय काल को सौर चक्र कहा जाता है। सौर चक्र का अध्ययन वैज्ञानिक 18 वीं शताब्दी के मध्य से कर रहे हैं। सौर चक्र-24 कुछ समय पहले खत्म हो हुआ है और वैज्ञानिक सौर चक्र-25 के शुरू होने के इंतजार करते रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले ही सूर्य की सतह पर एक धब्बा नजर आनेे लगा है जो वैज्ञानिकों के अनुसार सौर चक्र-25 की शुरुआत का संदेश देता है।

अनुमान है आने वाले समय में सूर्य और सक्रिय होगा और इसकी सतह पर अधिक संख्या में धब्बे देखने को मिलेंगे। सौर चक्र के महत्तम वर्षों में कई बार इतने बड़े धब्बे होते हैं कि उनका आकार पृथ्वी के आकार से कई गुणा ज्यादा होता है। यहां तक कि, फिल्टर की सहायता से कोरी आंख से देखा जा सके।

Rajeev Mishra Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned