तटीय और दक्षिणी जिलों में बाढ़ जैसे हालात

तटीय और दक्षिणी जिलों में बाढ़ जैसे हालात

Ram Naresh Gautam | Publish: Aug, 12 2018 06:13:54 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

कई गांवों का संपर्क टूटा, मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

बेंगलूरु. पिछले 24 घंटों के दौरान तटीय और अंदरुनी कर्नाटक क्षेत्रों में 15 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने के कारण वर्षा प्रभावित जिलों में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई है। भारी बारिश के कारण दक्षिण कन्नड़ जिले में शनिवार को भी सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहे। तटीय कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़ और उडुपी तथा दक्षिण अंदरुनी कर्नाटक के चिक्कमगलूरु, कोडगु तथा शिवमोग्गा जिलों में सभी नदियां खतरनाक स्तर पर बह रही हैं और गांवों तथा शहरों में बाढ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।

कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निरीक्षण केन्द्र (केएसएनडीएमसी) के निदेशक जीएस श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि पिछले चौबीस घंटों के दौरान दक्षिण कन्नड़ में सर्वाधिक 14.9 सेमी, उत्तर कन्नड़ में 10.5 सेमी, उडुपी में 7.8 सेमी, कोडगु में 10.2 सेमी और शिवमोग्गा जिले में 9.4 सेमी बारिश हुई है। मौसम विभाग के बेंगलूरु केन्द्र द्वारा जारी मौसम चेतावनी में कहा गया है कि इन जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होगी।

केरल में हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के कावेरी नदी स्थित सभी जलाशयों से पानी छोडऩे की मात्रा बढा दी गई है जिससे मैसूरु और मंड्या जिले का बड़ा भू-भाग बाढ जैसी स्थिति से जूझ रहा है। जलाशयों में पानी का अंतर्वाह बढने के कारण शनिवार को कबिनी जलाशय से सुबह 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया जबकि शाम में इसकी मात्रा बढ़ाकर 1 लाख क्यूसेक कर दी गई। कबिनी बांध का जलस्तर 2,28 1.41 फीट तक पहुंच गया है। जबकि इस बांध की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 2,28 4 फीट है।

बांध में 75,380 क्यूसेक पानी आ रहा है। कृष्णराज सागर (केआरएस) जलाशय से 59 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे निचले इलाकों के गांवों के सैंकड़ों लोगों को सुरक्षित जगहों पर हटाया गया है। साथ ही पुलिस, आपदा बल, अग्रिशमन एवं अन्य प्रकार की आकस्मिक सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं हजारों एकड़ खेत भी जलमग्र हो गए हैं जिससे किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तटीय और दक्षिण के दूरदराज के जिलों के किसानों को भारी बारिश के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। विभाग ने मछुआरों को भी कर्नाटक के तट पर तेज हवाओं के चलते अरब सागर में नहीं जाने की सलाह दी है।

कोडुगू जिले में हो रही भारी बारिश के कारण कृष्ण राज सागर (केआरएस) बांध में 60 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। इसी मात्रा में बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। बांध का जलस्तर 124.41 फीट तक पहुंच गया है। जबकि इस बांध की अधिकतम जलभंडारण क्षमता 124.8 0 फीट है। कबिनी तथा केआरएस बांधों से कुल मिलाकर 1 लाख 39 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

केआरएस बांध के बढ़ते जलस्तर के कारण एहतियात की तौर पर बांध के परिसर में स्थित वृंदावन गार्डन में पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ में मण्ड्या जिले के श्रीरंगपटट्ण तहसील में स्थित रंगनतिट्टू पक्षीधाम में नौकायन पर प्रतिबंध लगाया गया है। कोडुगू जिले में बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।

जिला प्रशासन ने शनिवार को जिले के स्कूल कॉलेजों को अवकाश घोषित किया था। जिला प्रशासन के मुताबिक 30 वर्षों के अंतराल के बाद कोडुगू जिले में इतने बडे पैमाने पर बारिश हुई है। जिले की कई सड़कें जलमग्न होने के कारण गांवों से संपर्क टूटा है। मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी ने जिले में राहत कार्यों के लिए 100 करोड़ राशि की घोषणा की है लेकिन अभी तक जिला प्रशासन को यह फंड नहीं मिला है। हासन तथा चिकमगलूरु जिले में लगातात तीसरे दिन भी भारी बारिश हो रही है। यहां के जिला प्रशासन ने स्कूल तथा कॉलजों को अवकाश घोषित किया है।

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