बांसवाड़ा : बच्चों के पोषाहार पर कुंडली मारकर बैठा था प्रिंसिपल, 25 हजार की रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथों धरा

पोषाहार प्रभारी से 35 हजार रुपए मांगे थे, दस हजार पहले ले चुका था

By: Ashish vajpayee

Published: 19 Jan 2018, 11:54 AM IST

बांसवाड़ा. गांगड़तलाई. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की चित्तौडगढ़़ टीम ने गुरुवार को जिले के सल्लोपाट थाना इलाके के मोटी टिंबी राजकीय सीनियर सैकण्डरी विद्यालय के प्रिंसिपल को पोषाहार के बिल पास करने की एवज में 25 हजार की रिश्वत लेते हुए उसके कक्ष के बाहर रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा ने बताया कि आरोपित गांगड़तलाई निवासी प्रिंसिपल नरेश कुमार टेलर पुत्र गणपत लाल ने रिश्वत राशि पोषाहार प्रभारी एवं विद्यालय के पीटीआई आनंद कुलासावा से ली थी। पोषाहार बिल पास करने के लिए टेलर ने 35000 बतौर रिश्वत मांगी थी।

मीणा ने बताया कि 14 जनवरी को मोटी टिम्बी निवासी परिवादी शारीरिक शिक्षक आनंद कलासुआ ने एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल की ओर से बिल पास करने के एवज में रिश्वत राशि की मांग की जा रही है। अगस्त से लेकर नवंबर तक करीब एक लाख 15 हजार 914 रुपए बिल है। इसमें से करीब 62 हजार 914 रुपए तो दिसंबर 2017 में पास हो गया था। जबकि शेष राशि के बिल पास होना बाकी है। इसके एवज में प्रिंसिपल की ओर से 35 हजार रुपए की मांग की जा रही है। इस शिकायत के बाद 16 जनवरी को ब्यूरो की ओर से सत्यापन की कार्रवाई की गई।

टीम थोड़ा लेट होती तो बच जाता आरोपित

ब्यूरो के अनुसार आरोपित ने रिश्वत राशि करीब 3:10 बजे प्राप्त की। विद्यालय का छुट्टी हो चुकी थी और प्रिंसिपल घर जाने के लिए अपने कक्ष के बाहर ही खड़ा हुआ था। अगर थोड़ी भी देर होती तो शिक्षक वहां से निकल जाता। रिश्वत का सौदा तय होने से पहले प्रिसिंपल रिश्वत की बात को लेकर विवाद कर चुका था। इससे शिक्षक तैश में आ गया था। तब उसने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी।

ये बाहर कौन खड़ा है

परिवादी जब रिश्वत की राशि लेकर भीतर गया, तो एकबारगी प्रिंसिपल को बाहर खड़े एसीबी के कार्मिकों की भनक लग गई। उसने राशि लेने के साथ ही परिवादी से ये भी पूछा कि ये बाहर कौन खड़ा है, जब परिवादी ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं तो प्रिंसिपल ने राशि लेकर पीछे की जेब में डाल दी। ं इशारा पाकर टीम ने प्रिंसीपल को दबोचा। प्रिंसिपल की बाइक में नकदी जेवरात भी मिले।

सत्यापन पर लिए दस हजार

सत्यापन के दौरान आरोपित नरेश कुमार ने सबसे पहले 38 हजार की मांग रखी। इस पर दोनों के बीच बहस हुई तो बात सौदा 35 हजार में तय हो गया। इसके बाद सत्यापन के दौरान ही शारीरिक शिक्षक ने दस हजार रुपए प्रिंसिपल को दे दिए। साथ ही शेष राशि 25 हजार रुपए चेक के क्लियर होने के बाद देना तय हो गया। बुधवार को जैसे ही पीटीआई ने 25 हजार रुपए प्रिंसिपल को दिए, ब्यूरो की टीम ने पहुंचकर प्रिंसिपल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

Show More
Ashish vajpayee
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned