बांसवाड़ा : हाइटेंशन लाइन के चार खंभों से मंडरा रही मौत, अफसरों को हादसे का इंतजार

बांसवाड़ा : हाइटेंशन लाइन के चार खंभों से मंडरा रही मौत, अफसरों को हादसे का इंतजार

Ashish Bajpai | Publish: Jun, 14 2018 01:17:55 PM (IST) Banswara, Rajasthan, India

लोधा तालाब पर लगे खंभों का फाउंडेशन जर्जर, दरारें आई, सहारा देकर थामे रखा है, खंभे धराशयी होने पर करंट से मछली, जन और पशु हानि की आशंका

बांसवाड़ा. अजमेर डिस्कॉम की लापरवाही लोधा तालाब पर कभी भी बड़ा हादसा कर सकती है। तालाब के किनारे लगे हाइटेंशन लाइन के खंभों के फाउंडेशन उखड़ चुके हैं और ये कभी भी धराशयी होकर तालाब की मछलियों और लोगों के लिए मौत का कारण बन सकते हैं। डिस्कॉम के अफसरों को इन हालात की जानकारी भी है, लेकिन लगता है उन्हें हादसा होने का इंतजार है। लोधा तालाब की पाल के अंदर लगाए गए 33 केवी के पोल कभी भी धराशायी हो सकते हैं, लेकिन किसी को फुर्सत नहीं है कि उन्हें ठीक कर दिया जाए।

जनहानि भी संभव
सहायक अभियन्ता-द्वितीय के कार्यक्षेत्र में लोधा तालाब की पाल के मुहाने पर अजमेर विद्युत वितरण निगम की ओर से 33 केवी लाइन के पोल लगा रखे हैं। चार बड़े पोल करीब-करीब गिरने की स्थिति में आ गए हैं, इन खंभों के फॉउण्डेशन कमजोर हो गए है और उनमें दरारें पड़ गई है। हालात से वाकिफ निगम के कार्मिकों ने सहारा देने के लिए आस पास सीमेंट के टूटे पोल लगा रखे हैं, लेकिन जुगाड़ की यह व्यवस्था कभी भी धराशयी हो सकती है और बरसात के समय तो खतरा और बढऩे वाला है। खंभे धराशयी हुए तो पशु व जनहानि के साथ पानी में करंट फैलने की स्थिति में तालाब की लाखों मछलियों की जान भी संकट में आ सकती है।

कई दिन तक बाधित हो सकती है बिजली भी
33 केवी हाइटेंशन लाइन के टूटने की स्थिति में करीब-करीब आधे शहर की बिजली भी बाधित हो सकती है। लोधा जीएसएस से यह लाइन रोहिणी नगर फीडर तक पहुंचती है और इसके बाद संबंधित क्षेत्रों में वितरित की जाती है। ऐसे में इस लाइन से जुड़े कई कॉलोनियों एवं क्षेत्रों के लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। इस बारे में सहायक अभियन्ता पी सी नायक ने बताया कि उनकी जानकारी में यह मामला है और प्रयास करेंगे कि विद्युत पोल फॉउण्डेशन को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए।

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