बांसवाड़ा : अनंगारि थियेटर में डॉ. धर्मवीर भारती के नाटक अंधायुग का साक्षात

बांसवाड़ा : अनंगारि थियेटर में डॉ. धर्मवीर भारती के नाटक अंधायुग का साक्षात

deendayal sharma | Updated: 26 Jul 2019, 07:46:41 PM (IST) Banswara, Banswara, Rajasthan, India

बांसवाड़ा शहर के कालिकामाता क्षेत्र में स्थित अनंगारि थियेटर की ओर से आयोजित बीस दिवसीय नाट्य कार्यशाला के आखिरी दिन डॉ. धर्मवीर भारती द्वारा सृजित नाटक अंधायुग का मंचन किया गया। महाभारत युद्ध के अन्तिम पड़ाव के घटनाक्रमों पर आधारित इस नाटक की प्रभावी प्रस्तुति ने दर्शकों को अभिभूत किया।

बांसवाड़ा. शहर के कालिकामाता क्षेत्र में स्थित अनंगारि थियेटर की ओर से आयोजित बीस दिवसीय नाट्य कार्यशाला के आखिरी दिन डॉ. धर्मवीर भारती द्वारा सृजित नाटक अंधायुग का मंचन किया गया। महाभारत युद्ध के अन्तिम पड़ाव के घटनाक्रमों पर आधारित इस नाटक की प्रभावी प्रस्तुति ने दर्शकों को अभिभूत किया।

बड़ी खबर...वागड़ के पुलिस थानों में भांजगड़े का खुलासा, एसपी ने देखा हाल तो दानपुर में हैड कांस्टेबल लाइन हाजिर, 7 जने गिरफ्तार

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली से प्रशिक्षित रंगकर्मी नरेशपालसिंह चौहान के निर्देशन में यहां अंधायुग के विभिन्न कारुणिक-विभत्स दृश्यों के साथ संवाद प्रस्तुति सशक्त रही। इसमें जब भी मनुष्य अनासक्त होकर चुनौती देता है इतिहास को,उस दिन नक्षत्रों की दिशा बदल जाती है, भय है तो ज्ञान है अधूरा तथा तोड़ी हुई मर्यादा कुचले हुए अजगर सी होती है पंक्तियां काफी सराही गई। नाट्य प्रस्तुति में रंगकर्मी जगन्नाथ तेली ने धृतराष्ट्र, विरेन्द्रसिंह राव ने विदुर, हरीश आचार्य ने वृद्ध याचक, नीलेश जोशी ने अश्वत्थामा, डॉ. स्वर्णादास ने गांधारी, हितैश शर्मा ने संजय, सूरजप्रतापसिंह चौहान ने व्यास, सैय्यद साबिर मोहम्मद और चुन्नीलाल राठौड़ ने प्रहरी, गौरव वाधवानी ने युयुत्सु , दिव्य प्रसाद ने कृतवर्मा, अमजद खान ने कृपाचार्य और कल्पेश सिसोदिया ने यौद्धा का किरदार निभाया।

बांसवाड़ा : टिकट का पैसा नहीं होने पर दिव्यांग युवक को बस से बीच रास्ते उतारा, नायाब तहसीलदार ने मदद कर वापस भेजा, पेश की मिसाल

एनएसडी शोधार्थी रंगकर्मी अरुंधति ने पारम्परिक पृष्ठभूमि के कलाकारों की प्रासंगिक साज-सज्जा की। इन्द्रपालसिंह चौहान एवं गजेन्द्रपाल सिंह ने मंच ध्वनि-प्रकाश व्यवस्था को सुचारु रूप से संयोजित किया।

बज्मे सूफी कल्चर ने किया अभिनंदन
समापन पर बज़्मे सूफ़ी कल्चर की ओर से शायर सिराज नूर चिश्ती ने एक दशक से अंचल में रंगकर्म की दशा-दिशा को नए आयाम प्रदान कर रहे रंगकर्मी युगल नरेशपालसिंह चौहान और श्रीमती अरुंधति का अभिनन्दन किया। इस अवसर पर विष्णुप्रसाद मेहता, शिक्षाविद् डायालाल जोशी, सेवानिवृत्त अधीक्षक महेन्द्र आचार्य, लोकेन्द्रसिंह चौहान, भंवर गर्ग मधुकर, यशवन्त पण्ड्या, तखतसिंह राव, असलम मोहम्मद, पुष्पा आचार्य, रंजिता, जमीरुद्दीन शेख, साजिद हुसैन, विजय गर्ग, घनश्याम नूर, मुकेश शर्मा और सुरेश पण्ड्या ने अपने समीक्षात्मक दृष्टिकोण से अवगत कराया।

 

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned