अरे यह क्या हो गया.....स्वच्छता एप में बांसवाड़ा फेल, डूंगरपुर पूरे देश में अव्वल

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By: deendayal sharma

Published: 03 Feb 2019, 03:09 PM IST

बांसवाड़ा. स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत देश के 4261 नगर निकायों में चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के अन्तर्गत स्वच्छता एप के मामले में डूंगरपुर देश में अव्वल स्थान पर आ गया है, वहीं बांसवाड़ा नगर परिषद इस मुकाबले में डूंगरपुर से कोसों दूर हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत माह नवम्बर से 30 जनवरी की रिपोर्ट के अनुसार स्वच्छता एप में डूंगरपुर प्राप्त अंकों की दृष्टि से देशभर में 307.16 अंक लेकर अव्वल है। रिपोर्ट के अनुसार 47 हजार 706 की आबादी वाली डूंगरपुर नगर परिषद में कुल स्कोर 307.16 के साथ ही शत-प्रतिशत यूजर रजिस्ट्रेशन कर लिया है। यूजर एंगेजमेंट 28.24 प्रतिशत है और यूजर हैप्पीनेस 85.25 प्रतिशत है। वहीं एजेंसी रिस्पोसिवनेस में 93.67 फीसदी उपलब्धि अर्जित की है। रिपोर्ट अनुसार डूंगरपुर अब तक की रिपोर्ट के अनुसार इसने इन्दौर को पीछे छोड़ दिया है।
यह है बांसवाड़ा का हाल
99 हजार 969 की आबादी वाली बांसवाड़ा नगर परिषद कुल 30.91 स्कोर ही कर पाई है। यूजर रजिस्ट्रेशन 30 प्रतिशत, यूजर एंगेजमेंट 0. 91 प्रतिशत है और यूजर हैप्पीनेस और एजेंसी रिस्पोसिवनेस में बांसवाड़ा नगर परिषद की स्थिति शून्य है और अब तक की रैकिंग के अनुसार परिषद 1482वें स्थान पर है। सर्वेक्षण आरंभ होने के बाद भी शहर में कई जगह नियमित सफाई नहीं हो रही है। सौन्दर्यीकरण को लेकर कोई पहल नहीं की गई है। नए बने शौचालयों पर ताले लगे हैं। इससे इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। भीड़ भरे इलाकों सहित मुख्य मार्गों पर स्थिति ठीक नहीं है। मोबाइल टॉयलेट की सफाई भी नहीं हो रही है। यह कई जगह टूटे-फूटे हैं। कच्ची बस्तियों में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। पाला रोड पर सडक पर सब्जी विक्रेता बैठते हैं और अपशिष्ट नाले में डालते हैं।
नहीं हो रहे प्रयास
स्वच्छता एप डाउनलोड करने के मामले में बांसवाड़ा नगर परिषद पूरी तरह उदासीन है। परिषद की ओर से स्वच्छता एप को डाउनलोड कराने के तनिक भी प्रयास नहीं हो रहे हैं। हालात यह हैं कि नगर परिषद के अधिकांश स्थायी कार्मिकों ने ही यह एप डाउनलोड नहीं किया है। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहरवासियों को इस एप को डाउनलोड कराने के लिए परिषद कार्मिकों ने कितनी जहमत उठाई है।
सर्वे पांच हजार अंक का
स्वच्छता सर्वे पांच हजार अंकों का है। इसमें 1250 अंक दस्तावेज पर, 1250 सिटीजन फीडबैक, 1250 सर्वे टीम की फील्ड विजिट और 1250 अंक खुले में शौच मुक्त और टू स्टार रैंकिंग के हैं। पिछली बार चार हजार अंकों का सर्वे हुआ था।

deendayal sharma Desk
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