18 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हृदय विदारक हादसा: डीजे बजता रहा, चीखें निकलती रही, घर में जिंदा जल गया बुजुर्ग

जिले के खमेरा क्षेत्र में गुरुवार रात कच्चे मकान में लगी आग को बुझाने के प्रयास में वृद्ध जिंदा जल गया।
2 min read
Google source verification
Elderly burnt alive in house fire in banswara

बांसवाड़ा। जिले के खमेरा क्षेत्र में गुरुवार रात कच्चे मकान में लगी आग को बुझाने के प्रयास में वृद्ध जिंदा जल गया। घटना उसके ही मनोरोगी बेटे की हरकत से हुई। इत्तेला पर ग्रामीणों और पुलिस ने बांसवाड़ा से फायर ब्रिगेड की मदद लेकर आग बुझाई, तब तक वृद्ध और उसका पूरा घर स्वाह हो गया। पुलिस के अनुसार घटना बिजोर गांव के 60 वर्षीय रकमा अहारी के घर पर रात करीब सवा दस बजे हुई। इसकी सूचना सरपंच पति कमलाशंकर ने पुलिस को दी। घर में पलंग पेटी और दीवार के बीच फंसा रकमा का अधजला शव निकालकर बांसवाड़ा एमजी अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया।

डीजे के शोर में नहीं सुन पाए चीखें, धुआं देखकर दौड़े लोग
घटना को लेकर देर रात मृतक के बड़े बेटे बापूलाल अहारी ने पुलिस को रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि वह शाम को समाज में नोतरे के कार्यक्रम में गया था। पीछे माता-पिता और छोटा भाई गोविंद ही थे। रात को मां खाना बना रही थी। इसी बीच, पिता बाहर की तरफ खाना खा रहे होने से मां उन्हें परोसने गई तो अंदर मनोरोगी भाई गोविंद ने अचानक चूल्हे से जलती लकड़ी उठाकर उछाल दी। इससे घर के डांडों में आग लग गई। सूखे डांडों में देखते ही देखते आग बढ़ी तो जानकारी पर माता-पिता चीखने-चिल्लाने लगे, लेकिन गांव में नोतरे के चलते डीजे बज रहा होने से लोगों को सुनाई नहीं दिया। फिर धुआं उठते देखकर लोग दौड़े।

इसी बीच, मां और भाई गोविंद तो परे हो गए, लेकिन आग बुझाने के लिए पिता मकान पर चढकर पानी मंगवाकर डालने लगे। तभी अधजले कवेलू-डांडे टूटने से वह भीतर आग की पलटों में जा गिरे। अंदर घर में पलंग पेटी और दीवार के बीच पैर फंसने से पिता रकमा निकल नहीं पाए और जिंदा जलने से मौत हो गई। इस पर पुलिस ने मर्ग दर्ज किया।

हादसे ने कर दी परिवार की दुर्गति
मृतक के परिजनों के अनुसार गोविंद की करीब दो साल से दिमागी हालत सही नहीं है। उसकी इस हरकत से आग में पूरा घर जलने से अहारी परिवार के मुखिया की मौत हुई, वहीं खाने के अनाज तक का संकट हो गया। ऐसे में गांव के लोग मदद के लिए आगे आए। मामले को लेकर दूसरे दिन एएसआई अब्दुल हकीम ने बांसवाड़ा में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा। मामले में अब अग्रिम जांच सीआई लक्ष्मण डांगी कर रहे हैं।

बड़ी खबरें

View All

बांसवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग