बांसवाड़ा की छह रैंजों के सात सौ हैक्टेयर में होगा पौधरोपण, ढाई लाख से अधिक पौधे लगाकर बिछाएंगे हरियाली की चादर

बांसवाड़ा की छह रैंजों के सात सौ हैक्टेयर में होगा पौधरोपण, ढाई लाख से अधिक पौधे लगाकर बिछाएंगे हरियाली की चादर

Varun Kumar Bhatt | Updated: 14 Jun 2019, 04:23:33 PM (IST) Banswara, Banswara, Rajasthan, India

वन विभाग की ओर से जिले की विभिन्न नर्सरियों में फलदार, फूलदार और छायादार पौधे तैयार किए हैं

बांसवाड़ा. जिले में प्री मानसून की बारिश की दस्तक के साथ ही जिले को हराभरा बनाने की तैयारियां शुरू हो गई है। वन विभाग ने जिले में छह रेंजों में सात सौ हैक्टैयर में इस वर्ष ढाई लाख से अधिक पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभिन्न नर्सरियों में पौधे तैयार कर लिए गए हैं। वन विभाग की ओर से जिले की विभिन्न नर्सरियों में फलदार, फूलदार और छायादार पौधे तैयार किए हैं। पिछले कुछ माह से नर्सरियों में इन पौधों को तैयार करने के लिए कार्मिक को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। भीषण गर्मी में कार्मिकों ने पौधे तैयार किए। ये पौधे सीएएमपीए-एएनआर, सीएएमपीए-एनएफएल, एफडीए और स्टेट प्लान के तहत लगाए जाएंगे। पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर इस वर्ष भी मानसून में बड़े पौधे लगाने का निर्णय किया गया है, ताकि वे शीघ्र पल्लवित हो और क्षेत्र को हरियाला बना सकें।

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... तो पौधरोपण सफल
सामान्यतया वन विभाग रोपे गए पौधों के जीवित रहने की संभावना पांच वर्ष बाद 40 से 50 प्रतिशत के बीच मानता है। इससे कम संख्या में पौधों के जीवित रहने पर पौधरोपण फेल्युअर मानकर विभिन्न कारणों को ज्ञात कर समीक्षा की जाती है, ताकि आगामी सत्र में अधिकाधिक पौधों को जीवित रखा जा सके।

इनका कहना है
विभाग ने आगामी मानसून में पौधरोपण के लिए नर्सरियों में पौधै तैयार कर लिए हैं। बांसवाड़ा, भापोर, कुशलगढ़, शक्करवाड़ा आदि नर्सरियों में तैयार पौधों में फलदार, फूलदार व छायादार वृक्षों के पौधे शामिल हैं। एक बार अच्छी बरसात हो जाए, इसके बाद पौधरोपण आरंभ किया जाएगा।
एसआर जाट, उप वन संरक्षक, बांसवाड़ा

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