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बांसवाड़ा : चेरिटेबल ट्रस्ट का प्रोजेक्ट समन्वयक बीस हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

- Bribe News, ACB News, Banswara Crime News -चिकित्सा विभाग में मोबाइल सेवा इकाई संचालनकर्ताओं के भ्रष्टाचार की पोल खुली-रिश्वत लेकर दी नौकरीए फिर वेतन, अनुभव प्रमाण के लिए भी मांगें हजारों-एसीबी बांसवाड़ा चौकी की कार्रवाई

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बांसवाड़ा : चेरिटेबल ट्रस्ट का प्रोजेक्ट समन्वयक बीस हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

बांसवाड़ा : चेरिटेबल ट्रस्ट का प्रोजेक्ट समन्वयक बीस हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

बांसवाड़ा. चिकित्सा विभाग में मोबाइल सेवा इकाई का संचालन कर रहे चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रोजेक्ट समन्वयक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार शाम को एक कार्मिक से 20 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। समन्वयक ने यह राशि जीएनएम से नौकरी बरकरार रखते हुए बकाया वेतन और अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने की एवज में ली थी। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माधोसिंह ने बताया कि इस संबंध में मेडिकल मोबाइल वेन यूनिट छोटी सरवन से कर्मचारी कोटड़ा निवासी दिलीप पुत्र देवचंद मईड़ा ने गत 21 अगस्त को श्रीपरमात्मानंद भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट, जोधपुर के प्रोजेक्ट समन्वयक उदयपुर जोन चीखली निवासी मनीष पंचाल पुत्र गणेशलाल पंचाल के खिलाफ ब्यूरो चौकी पर शिकायत की थी। इसमें बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग के मोबाइल यूनिट कार्यक्रम के तहत ट्रस्ट का स्टाफ और वाहन संचालित होता है, जिसमें दवाइयां आदि बीसीएमएचओ से उपलब्ध कराई जाती है। ट्रस्ट को विभाग स्टाफ और वाहन के लिए राशि देता है। इसमें नौकरी के लिए विज्ञापन जारी होने पर उसने आवेदन किया, तो पहले पंचाल ने 35 हजार रुपए रिश्वत देने पर नियुक्ति देना बताया। तब उसे दो-तीन किस्तों में 20 हजार रुपए देने पर अप्रेल, 2021 में नियुक्ति मिली। इसके बाद एक-दो महीने वेतन मिला और फि र भुगतान रोक दिया गाय। इसे लेकर बहस हुई, तो नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। फि र गुजारिश पर पंचाल ने सेवा अवधि की गणना कर वेतन दिलाने और अनुभव प्रमाण पत्र के लिए 70 हजार रुपए रिश्वत मांगी। यह राशि देने पर ही काम होने की शर्त से वह परेशान हो उठा और तब उसने ब्यूरो में रिपोर्ट दी। इस पर उसी दिन सत्यापन करवाने पर चार हजार रुपए लेने के साथ पंचाल के 70 हजार रुपए की मांग की पुष्टि हुई।
बातचीत में आरोपी ने परिवादी से 20 हजार रुपए शुक्रवार को और शेष 46 हजार वेतन मिलने पर लेना तय किया। तब ब्यूरो की टीम ने ट्रेप की प्लानिंग की। इसे लेकर शुक्रवार को संवाद पर आरोपी ने शाम को अमरदीपनगर में होना बताया। तो परिवादी को भेजा गया। साथ ही ब्यूरो की टीम भी दूर से निगाह रखे रही। फिर जैसे ही पंचाल ने बीस हजार रुपए नकदी ली, संकेत पाते ही टीम ने उसे पकड़ लिया। प्रकरण में देर शाम तक टीम की कार्रवाई जारी रही। ब्यूरो की टीम में राजकुमारसिंह राणावत, राजेशकुमार, राजेंद्रसिंह ओर माजिद खां भी शामिल थे।

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