राष्ट्रसंत को दी श्रद्धांजलि : ‘मुनि तरुण सागर की साधना से श्रमण संस्कृति को नई ऊंचाइयां’

राष्ट्रसंत को दी श्रद्धांजलि : ‘मुनि तरुण सागर की साधना से श्रमण संस्कृति को नई ऊंचाइयां’

Ashish Bajpai | Publish: Sep, 03 2018 02:35:15 PM (IST) Banswara, Rajasthan, India

बांसवाड़ा. बागीदौरा. कोई जागे न जागे मेरा काम तो है आवाज लगाते रहना। यह बात राष्ट्रसंत मुनि तरुणसागर महाराज ने दीक्षा के 24 साल बाद बागीदौरा की दीक्षा भूमि पर हजारों श्रद्धालुओं को सीख देते हुए कही। उसी सीख को अपनाने के लिए मुनि समतासागर महाराज ने रविवार को आचार्य विद्यासागर संयम भवन में मुनि तरुणसागर महाराज की विनयाजंलि सभा में जैन समाज व वैष्णव समाज के श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मुनिश्री का प्रतिपल यही भाव रहता था कि जैन ही नहीं अपितु जन-जन का कल्याण हो। मुनिश्री ने अपने दिगम्बरत्व साधू की जैन परम्परा को निभाते हुए जो साधना की है वो साधना साधुवाद के लायक है। मुनि ने अपनी अंतिम समय की साधना से श्रमण संस्कृति को नई उंचाइयां दी। सभा में ऐलक निश्चयसागर महाराज ने मुनि कहा कि उन्होंने सदैव हंसते-मुस्कारते रहने व जीवन में संयम को अपनाने की जो सीख दी है उससे जीवन मोक्ष मार्ग की और अग्रसर होगा। उन्होंने वागड़ में जैनधर्म की अलख जगाई है जो सदियों तक मानस पटल पर अंकित रहेगी। धर्मसभा में वैष्णव समाज के मनोहरलाल जोशी, कांतिलाल शर्मा, कचरूलाल पाटीदार, रणछोड काका, रमेशचन्द्र भटट, चन्द्रेश्वर जोशी व प्रदीप दोसी ने मुनि तरुणसागर महाराज की क्षुल्लक व मुनि दीक्षा के ताजा करते हुए संस्मरण सुनाए। उन्होंने कहा कि अल्प समय में उनकी समाधि होना अपूणीय क्षति है। सभा में वैष्णव समाज के श्रद्धालुओं ने मुनि संघ को श्रीफल भेंट किया तथा आचार्य विद्यासागर महाराज की चित्राकृति पर दीप प्रज्जवलन किया। चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र दोसी, सेठ जयंतिलाल मेहता, लक्ष्मीलाल मेहता ने प्रश्रोत्तरी विजेताओ को साहित्य भेंट किया। संचालन विनोद दोसी ने किया।

खमेरा. नरवाली में सकल दिगम्बर जैन समाज ने मुनि तरुण सागर महाराज के परलोकगमन पर शोक सभा आयोजित कर विनयांजलि दी। वहीं जैन समाज ने प्रतिष्ठान बंद रखे व दिगम्बर जैन मंदिर से मौन जुलूस निकाला गया। शोकसभा में मुनि गेंदमल तलवाडिया, लालचंद सरिया व गुरुभक्त रमेश चन्द्र सेन ने मुनि की जीवनी पर प्रकाश डाला। इस दौरान समाज अध्यक्ष पारसमल, उपाध्यक्ष निर्मल कुमार, देवेन्द्र कुमार, गेबीलाल, महिपाल, इन्द्रमल, रमेश तलाटी, अशोकए संदीप, सुरेन्द्र, राजेश, हेमंत, महेंद्र कुमार, अजित कुमार, कारुलाल सेठ, दिलीप, तेजू, संजय आदि मौजूद रहे।
गनोड़ा. भीमपुर में मुनि तरुण सागर को श्रद्धांजलि दी गई। चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष महिपाल जैन ने बताया कि संत के समापिूर्वक देवलोकगमन पर जैन मंदिर में श्रद्धांजलि सभा हुई। बाजार बंद रखे गए और मौन जुलूस निकाला गया। पांडाल में प्रोजेक्ट के माध्यम से दिल्ली में हुए कार्यक्रम का प्रसारण देखा गया। केसरीमल जैन, प्रचलित जैन, सुरेन्द्र जैन, कैलाशचन्द्र जैन भरत जैन, शैलेन्द्र जैन जगपालसिंह चौहान, जयेश पंचाल, जगपाल सौलंकी मौजूद रहे।

नौगामा. कस्बे में मौन जुलूस निकाला गया जो तालाब स्टेण्ड पहुंचा। जहां रमेश गांधी ने मुनि तरुणसागर की जीवनी के बारे में बताया। इसके बाद पाण्डाल में विनयाजंलि सभा में आर्यिका लक्ष्मीभूषण ने कहा कि मुनिश्री फूलों की खुशबू की तरह हमेशा हमारे दिलों में महकते रहेंगे। वे ऐसे पहले जैन संत है जो सर्वसमाज को साथ लेकर चले। रिम्पी दीदी ने कहा कि उनके प्रवचन कड़वे जरूर थे लेकिन जीवन के अंधकार को दूर करने वाले थे। इस मौके पर णमोकार मंत्र का जाप किया गया। परतापुर. दिगम्बर जैन समाज गढ़ी की ओर से शनिवार रात जूना मंदिर गढ़ी में पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर समाजजनों ने राष्ट्रीय संत तरुण सागर महाराज को पुष्पांजलि अर्पित की। सभा में पवन शाह, कमलेश जैन, चेतनलाल पंचोरी, अशाक दोसी, विवेक दोसी, सुमतीलाल धीरावत, राजेन्द्र भरड़ा, अजीत कुमार आदि ने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व गढ़ी कस्बे में मौन जुलूस भी निकाला गया। जिसमें सैकड़ों समाजजन शामिल हुए।

 

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