ये वेद पाठशाला: यहां जनजाति विद्यार्थी फर्राटे से बोलते है गीता, गणेश स्तुति, शिव तांडव

- भारत माता परियोजना की ओर से 6 पाठशालाओं का किया जा रहा संचालन
- विद्यार्थियों को कई श्लोक कंठस्थ

By: Varun Bhatt

Published: 14 Oct 2021, 09:53 PM IST

बांसवाड़ा. प्रणम्य शिरसा देवं गौरी पुत्रं विनायकम्, भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायु:कामार्थ सिद्धये (संकटनाशनगणेश स्तोत्रम् )। नमामीशमीशान् निर्वाणरूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद स्वरूपं (श्रीरुद्राष्टकम )। अधरं मधुरं वदनं नयनं मधुरं हसितं मधुरम् (मधुराष्टकम) ....। ऐसे एक-दो नहीं बल्कि अनेक मंत्रों का सस्वर कंठस्थ उच्चारण भारत माता मंदिर परिसर में वेद पाठशाला में जनजाति विद्यार्थी कर रहे है। ढोलक एवं मंजिरों के साथ यज्ञ मण्डप में कम उम्र के इन विद्यार्थियों का उच्चारण सुनकर हर शख्स प्रभावित हो रहा है। दरअसल, भारत माता मंदिर बांसवाड़ा परियोजना की ओर से पिछले 6 वर्षों से तीन वेदपाठशालों के संचालन से वेद पाठ का सफर शुरू किया गया। वर्तमान में यह बांसवाड़ा, मोहकमपुरा, गांगड़तलाई, खमेरा, घोड़ी तेजपुर, सज्जनगढ़ सहित 6 स्थलों तक पहुंच गया हैं, जिसमें 72 जनजाति विद्यार्थी अध्ययनरत है। इन विद्यार्थियों को नियमित स्कूल समय के अलावा ढाई घंटे वेद ज्ञान दिया जा रहा है। नियमित अभ्यास का परिणाम यह है कि जनजाति क्षेत्र के विभिन्न गांवों के विद्यार्थी अब बिना अटके आसानी से गीता, रामायण, स्तोत्र रत्नावली, महिषासुर मर्दनी, शिव ताण्डव, मंत्र व वेद का पठन कर रहे है। कई श्लोक तो विद्यार्थियों को कंठस्थ हैं। सातवीं में अध्ययनरत इन विद्यार्थियों में शेरगढ़ चिलकानी का मुकेश, गडूली का प्रेमराज, डूंगियानी शेर का कुलदीप डामोर, मोना डूंगर के नीतिन गरासिया के अलावा विनोद, अश्विन खराड़ी, बापूलाल, मुकेश गरासिया, रामलाल मईड़ा सहित अन्य विद्यार्थी शामिल हैं।

पहले पढ़ा, अब ये पढ़ा रहे
वेद पाठशाला में अध्ययनकर तीन विद्यार्थी बीएससी, दो छात्र बीएससी बीएड एवं एक छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हीै। खासबात यह भी है कि इन्हीं में से तीन विद्यार्थी वेद पाठशाला को संभाल रहे है। वे यहां व्यवस्थाएं देखने के साथ-साथ विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास भी कराते है। इनमें शामिल घोड़ी तेजपुर के राहुल निनामा, फणेश्वर निनामा व कसारवाड़ी के रोशन डोडियार बताते है कि नियमित अध्ययन से अलग ही ऊर्जा का संचार होता है।

यहां यह भी है खास
मार्च 2020 से कोरोना काल के प्रारंभ से नियमित हवन-यज्ञ हो रहे है। जिसमें विजय महामंत्र, हनुमान चालीसा पाठ, गणेश स्तोत्र, गंगा स्तुति, रुद्राष्टकम, राम स्तोत्र, दुर्गा सप्तशती पाठ, महामत्युंजय मंत्र आदि शामिल है। इसी प्रकार से अप्रेल 2020 से नियमित सुंदरकाण्ड पाठ तथा अप्रेल 2021 से हनुमान चालीसा, राम स्तुति, हनुमान स्तवन, राम वंदना, रामावतार, शिव पंचाक्षर स्तोत्र आदि पाठ नियमित हो रहे है।

इनका कहना है
भारत माता मंदिर के रामस्वरूप महाराज ने कहा कि वेद पाठशाला का उद्देश्य भील विद्यार्थियों को गीता, रामायण, वेद की शिक्षा देना है। 6 वर्षों से संचालित वेद विद्यालय में ढाई घंटे का अतिरिक्त शिक्षण होता है। विद्यार्थियों को यज्ञ हवन के मंत्र के साथ ही गीता सहित अन्य स्तोत्र के अध्याय कंठस्थ है। वेद-विज्ञान को एक मंच पर लाने की सोच के साथ काम किया जा रहा है।

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