वाहन चोरों के अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, चोरी की 10 मोटरसाइकिल सहित तीन सदस्य गिरफ्तार

पुलिस ने इनके कब्जे से 10 अदद मोटरसाइकिल, 8 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कुछ जेवरात भी बरामद कर इन्हे सलाखों के पीछे भेज दिया है।

बाराबंकी. पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया जो जिले से वाहन चोरी करके अन्य जनपदों में उसकी बिक्री कर देते थे। पुलिस की मानें तो पकड़े गए आरोपी शातिर अपराधी हैं और कई जनपदों में यह वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 10 अदद मोटरसाइकिल, 8 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कुछ जेवरात भी बरामद कर इन्हे सलाखों के पीछे भेज दिया है।

बाराबंकी पुलिस की गिरफ्त में आए यह ऐसे शातिर अपराधी हैं, जो जिले से वाहन चोरी करके उसे अन्य जनपदों में बेचने का काम करते थे और अन्य जनपदों से चोरी किये गए वाहन इस जिले में बेचने का काम करते थे। जब यह पुलिस के हत्थे चढ़े तो पुलिस ने इनके कब्जे से 10 अदद मोटरसाइकिल, 8 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और सोने चांदी के जेवरात बारबामाद किये| पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास के बारे में पता लगाने में जुट गयी है और इसके लिए अन्य जनपदों की पुलिस से सम्पर्क साधा गया है।

इस मामले में बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अरविन्द चतुर्वेदी ने बताया कि थाना देवा की पुलिस ने अपनी सुचना को विकसित करते हुए इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का जो सरगना राजन चौहान है और उसके साथी राकेश कुमार सिंह, राजकुमार सिंह हैं। यह बलिया का निवासी है और बाराबंकी में रिश्तेदारी होने के कारन उसका यहां आना जाना होता था। सरगना राजन चौहान ने यहां कुछ लड़कों को इकठ्ठा कर एक गिरोह बनाया और यहां से चोरी किये गए वाहन को बलिया और उसके आसपास के जिलों में बेंचने का काम करता था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अक्सर लोग अपनी गाड़ी का मूल कागज साथ लेकर चलते हैं। तो यह लोग उसी कागज को दिखा कर भोले-भाले लोगों को वाहन बेच देते थे। इनके पास से जो सामन बरामद हुआ है। उसके आधार पर अन्य जनपदों में जहां यह गिरोह सक्रिय रहा है वहां इनका आपराधिक इतिहास पता करवाया जा रहा है।

नितिन श्रीवास्तव Desk/Reporting
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