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मांगरोल : गेहूं और सरसों का रकबा घटा, इस बार लहसुन किसानों का ‘फेवरेट’

नहरी पानी ने भी दिया साथ तो बढ़ा किसानों का रुझान
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 21 Jan 2021, 11:12 PM IST

मांगरोल : गेहूं और सरसों का रकबा घटा, इस बार लहसुन किसानों का 'फेवरेट'

मांगरोल : गेहूं और सरसों का रकबा घटा, इस बार लहसुन किसानों का 'फेवरेट'

मांगरोल. तीन सालों व उससे पहले कभी अतिवृष्टि तो कभी कम बरसात तो कभी ओलों की बरसात से साल दर साल नष्ट हो रही सोयाबीन की फसल से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। इस बार क्षेत्र में लहसुन की बुवाई पिछले दो सालों से दोगुनी से भी ज्यादा हुई है। खेत में साल में दो फसलें न हो तो किसान के हाथ कुछ नहीं लग पाता है। ऐसे में लहसुन की खेती की ओर इस बार अधिसंख्य किसानों का रुझान ज्यादा है। इस कारण अधिकांश खेतों में लहसुन का रकबा दो गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। इस बार बरसात कम हुई तो सोयाबीन की फसल पहले तो अच्दी दिखती रही खेत अंत तक हरे रहे, कम बरसात का असर यह हुआ कि प्रति बीघा पैदावार कम हुई। इंद्रदेव की मेहरबानी पर निर्भर इस फसल से भी किसान अब उकता से गए हैं।

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रकबा कम हो या ज्यादा इस बार क्षेत्र के हर किसान ने चाहे बीघा दो बीघा ही किया, लेकिन लहसुन जरुर बोया है। गेहूं की बुवाई इससे कम रकबे में हुई है। तो सरसों करना तो किसान की मजबूरी रहा है। जिन खेतों में अन्य फसलें पैर नहीं जमा पाती, उन खेतों में सरसों की बुवाई की गई है। धनिए की फसल इस बार नाममात्र के रकबे में है। इस बार चने के प्रति भी किसानों का रुझान बढ़ा है। इस बार नहरों की जर्जर हालत के चलते किसानों को पूरा नहरी पानी मिलने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन नहरी पानी भी मिल गया। लहसुन की खेती में ज्यादा पानी की जरुरत भी पूरी हुई। इस बार सबसे ज्यादा रकबा लहसुन का है। लहसुन की बुवाई के प्रति रुझान का कारण भी मंडी में थापा के सर भाव रहे। और ज्यों ज्यों मंडी में लहसुन पहुंचता रहा भाव बढ़ते रहे।सोयाबीन की कम हुई फसल का कुछ हद तक घाटा पूरा हो जाने की उम्मीद के कारण लहसुन की रेकार्ड रकबे में बुवाई की गई है। राजस्व विभाग के अनुसार 2013 में 33787 हैक्टेयर में बुवाई हुई। 2014 में सोयाबीन का रकबा 2864 हैक्टेयर रहा तो 2015 में यह बढ़कर 24521 हैक्टेयर हो गया। लगातार घाटे के चलते अब सोयाबीन का रकबा घटा है। तो इस साल लहसुन के बुवाई के रकबा सोयाबीन के पिछले तीन साल के मुकाबले बढ़ता ही जा रहा हैं। सरसों का रकबा घटा है। गेहूं के रकबे में भी घटोतरी हुई है।