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मॉकड्रिल : 96 चिकित्सा संस्थानों में संसाधनों और सुविधाओं को परखा

राजकीय मेडिकल कॉलेज, 2 उप जिला अस्पताल, 13 सीएचसी, 54 पीएचसी एवं 14 प्राइवेट अस्पताल में मॉकड्रिल किया गया
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बाड़मेर

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Mahendra Trivedi

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Updated: 29 Nov 2023, 10:20 PM IST

संसाधन एवं आवश्यक उपकरणों आदि की मॉनिटरिंग

संसाधन एवं आवश्यक उपकरणों आदि की मॉनिटरिंग

चीन में फैल रहे श्वसन रोग को लेकर जारी एडवाइजरी के बाद बुधवार को चिकित्सा विभाग की ओर से जिले के 96 चिकित्सा संस्थानों में मॉकड्रिल किया गया। इस दौरान संस्थानों में बैड, जांच, दवा, एम्बुलेंस, मानव संसाधन एवं आवश्यक उपकरणों आदि की मॉनिटरिंग करते हुए समीक्षा की और तैयारियों को परखा गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीएस गजराज ने बताया की बुधवार को चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की दृष्टि से राजकीय मेडिकल कॉलेज, 2 उप जिला अस्पताल, 13 सीएचसी, 54 पीएचसी एवं 14 प्राइवेट अस्पताल में मॉकड्रिल किया गया। मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ. बीएल मंसूरिया एवं सीएमएचओ ने सुविधाओं का निरीक्षण किया। चीन में बच्चों में श्वसन रोग के मामले अधिक सामने आए हैं इसे देखते हुए शिशु रोग इकाइयों एवं मेडिसिन विभाग में उपचार के पर्याप्त इंतजाम पर फोकस किया जा रहा है।

सतर्कता से कार्य करने की जरूरत

उल्लेखनीय है कि चीन में श्वसन रोग के मामलों में वृद्धि को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने प्रदेश के चिकित्सा प्रबंधन को अलर्ट किया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से जारी पत्र एवं उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार अभी तक स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन प्रदेशभर में संक्रामक रोगों की सर्विलेंस एवं रोकथाम को लेकर चिकित्सा प्रबंधन पूरी सतर्कता के साथ कार्य करे। सभी चिकित्सा संस्थानों में जांच, दवा, उपचार आदि के समुचित इंतजाम सुनिश्चित की जाए।

एक्शन प्लान तैयार होगा

फिलहाल देश में इस बीमारी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। फिर भी चिकित्सा तंत्र को मजबूत रखने की दृष्टि से सजगता बरती जा रही है। बचाव एवं उपचार आदि व्यवस्थाओं के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। जिला एवं मेडिकल कॉलेज के स्तर पर एक नोडल ऑफिसर की नियुक्ति तथा संभाग एवं जिला स्तर पर रेपिड रेस्पॉन्स टीम गठन के निर्देश है। सभी अस्पतालों में बैड, ऑक्सीजन, जांच, दवा, उपचार, मानव संसाधन एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।