भारत बंद: मन की आग, बंद में आई नजर

भारत बंद:  मन की आग, बंद में आई नजर

Moola Ram Choudhary | Publish: Sep, 11 2018 08:08:38 PM (IST) Barmer, Rajasthan, India

भारत बंद: बाड़मेर में नहीं खुले बाजार, सब्जी मंडी भी रही बंद दुकानें, ठेले, रेहड़ी और थड़ी के नहीं खुले ताले-पेट्रोल-डीजल के दाम और महंगाई से त्रस्त नजर आए व्यापारी और आमजन

बाड़मेर. पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों और महंगाई के विरोध में कांग्रेस के आह्वान पर शहर में सोमवार सुबह से बाजार बंद रहे। कहीं पर भी दुकानें खुली नजर नहीं आई। ठेला, रेहड़ी और चाय की थडिय़ां भी नहीं खुली। वहीं सब्जी मंडियां भी बंद रही। कई निजी स्कूल भी बंद रहे।

शहर में बंद का असर सुबह से दिखने लगा था। स्टेशन रोड बाजार, सदर बाजार, चौहटन रोड, सुभाष चौक, रॉय कॉलोनी, सिणधरी चौराहा आदि क्षेत्र में दुकानें नहीं खुली। कहीं एक-दो प्रतिष्ठान खुले तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बंद का आग्रह किया। बंद के कारण चहल-पहल वाले क्षेत्र सूनसान रहे।

सब्जी मंडियां सूनी, थड़ी पर नहीं मिली चाय

शहर की पुरानी व स्टेशन रोड की सब्जी मंडियां बंद रही। इसके चलते लोग सब्जी के लिए परेशान रहे। वहीं चाय की थडिय़ां भी नहीं खुली।
मजूदरों ने बंद रखा काम

दैनिक मजदूरी पर निर्भर रहने वाले लोगों ने भी बंद का समर्थन करते हुए कामकाज बंद रखा। सब्जी ठेले, फेरी वाले, फुटपाथ पर सामान बेचने वाले भी कहीं नजर नहीं आए।
बंद...बंद...बंद...बाड़मेर

शहर में कई ऑटो घूम रहे थे। जिनमें माइक से बंद...बंद...बंद...बाड़मेर की आवाज गूंज रही थी। शहर में बंद करवाने वाले कार्यकर्ता कम नजर आए। लोगों ने भी स्वत: अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बंद को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता दुपहिया वाहन रैली व वाहनों में व्यापारियों से आग्रह कर बंद के लिए समर्थन मांग रहे थे।
सुभाष चौक में धरना

बंद के दौरान सुबह 9 बजे से कांग्रेस की ओर से सुभाष चौक में धरना दिया गया। यहां विधायक मेवाराम जैन के नेतृत्व में जिलाध्यक्ष फतेह खान, प्रवक्ता मुकेश जैन सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे। यहां पर सरकार के खिलाफ महंगाई को लेकर नारेबाजी की गई।

नहीं बेचनी आज मूर्तियां...
गणेश चतुर्थी महोत्सव को लेकर गणपति की मूर्तियां शहर के प्रमुख स्थानों पर सजी नजर आने लगी हैं। अहिंसा सर्किल पर मूर्ति बनाने वाले इन्हें बिक्री के लिए लेकर आए हैं। बंद के दौरान बिक्री के लिए रखी गणपति की मूर्तियों को तिरपाल से ढक दिया और कारीगरों ने बिक्री नहीं कर बंद का समर्थन किया।


बढ़ती महंगाई: लोगों की पीड़ा

-पेट्रोल-डीजल के दाम रोज बढ़ रहे हैं। दाम तो रोज बढ़ जाते हैं, लेकिन हम ऑटो का भाड़ा रोजाना नहीं बढ़ा सकते। पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढऩे चाहिए। भावों में रोजाना बदलाव की जगह पुरानी व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
मुकेश कुमार, ऑटो चालक


महंगाई इतनी अधिक बढ़ गई है कि मजदूरी करने वालों का परिवार पालना मुश्किल हो गया है। पेट्रोल-डीजल के दाम रोज बढऩे से दैनिक जरूरत की वस्तुओं के दाम बढ़ जाते हैं। ऐसे में परेशान हो गए हैं।

डूंगर, ठेला चालक

-महंगाई बेकाबू हो गई है। रोजाना बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम से त्रस्त हैं। सरकार महंगाई पर नियंत्रण करे, जिससे आमजन को राहत मिले। रोज कमाने व खाने वालों के लिए तो समस्या पैदा हो गई है।
-माणकमल, सब्जी व्यापारी

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