
200 राजस्व गांवों के बीच महज एक स्वास्थ्य केंद्र, वह भी संसाधनों व सफाई के अभाव में खुद बीमार है
सेड़वा . उपखंड मुख्यालय की 39 ग्राम पंचायतों के करीबन 200 राजस्व ग्रामों के बीच एकमात्र स्वास्थ्य केंद्र संसाधनों व सफाई के अभाव में खुद बीमार है। यहां चिकित्सकों के पद भी रिक्त हैं, ऐसे में इलाज कराने आने वाले गंभीर मरीजों रैफर ही करना पड़ता है। यहां प्रतिदिन 150 से अधिक ओपीडी रहती है।
यह सब मात्र एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों स्थानीय विधायक को कई बार रिक्त पदों के लिए गुहार लगाई, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है।
सरकार की ओर से 35 प्रकार की नि:शुल्क जांचों का प्रावधान है, लेकिन मात्र तीन-चार प्रकार की जांचें ही हो पाती है। परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। दीवारों पर गुटखों की पीक नजर आ रही है।
आवास के सामने एक क्वार्टर के शौचालय का गटर पिछले 1 साल से टूटा हुआ है। जो ऊपर टीन शैड डालकर तथा कांटे एवं कचरा डालकर बंद किया हुआ है। इससे रात को अंधेरे में कभी भी हादसा हो सकता है। चिकित्सालय परिसर में मरीजों व उनके साथ आने वाले परिजन को पेयजल तक नसीब नहीं हो रहा।
6 माह से मेन गेट टूटा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का चारदीवारी का मेन गेट करीब 6 माह पहले किसी वाहन की चपेट से टूट गया। अनदेखी के चलते सही नहीं करवाया गया। इससे अस्पताल परिसर में दिन भर आवारा पशुओं का जमघट रहता है। परिजन को हर समय चपेट में लेने का खतरा मंडरा रहा है।
यहां कोई आना नहीं चाहता
सरकार ने कुछ समय पहले 50 चिकित्सकों की नियुक्ति की थी, लेकिन कोई भी
सेड़वा आना नहीं चाहता। यहां अरबन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण चिकित्सकों को पीजी के दौरान मिलने वाला बोनस अंक का लाभ नहीं मिल रहा। पांच-सात दिन में प्रतिनियुक्ति पर एक और चिकित्सक लगाकर व्यवस्था की जाएगी।
- डॉक्टर कमलेश चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बाड़मेर
कुछ ही दिन में लगाएंगे
अस्पताल परिसर में चारदीवारी का मैन गेट व प्याऊ के नल और शौचालय भी क्षतिग्रस्त हैं। ये कुछ ही समय में सही करा दिए जाएंगे।
- डॉक्टर कालूराम विश्नोई, चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेड़वा
Updated on:
10 Oct 2018 02:18 pm
Published on:
09 Oct 2018 11:21 pm
