scriptMinor commits suicide after leaving shelter | आश्रय स्थल से निकलकर नाबालिग ने की आत्महत्या | Patrika News

आश्रय स्थल से निकलकर नाबालिग ने की आत्महत्या

locationबाड़मेरPublished: Feb 04, 2024 04:00:40 pm

Submitted by:

Ratan Singh Dave

- नाबालिग और युवक के बताया था प्रेम प्रसंग
- युवक के परिजनों ने नाबालिग व परिजनों पर दर्ज करवाया था हत्या का मामला
- हत्या के मामले बाद भी गंभीरता से नहीं लिया गया
- नाबालिग की आत्महत्या सवालों के घेरे में

आश्रय स्थल से निकलकर नाबालिग ने की आत्महत्या
बाड़मेर. नाबालिग ने आश्रय स्थल से निकलकर की आत्महत्या।

बाड़मेर.
बालोतरा में एक नाबालिग ने शुक्रवार को हत्या के मामले में नामजद एक नाबालिग ने आश्रय स्थल से निकलकर रेल के आगे आकर आत्महत्या कर ली। दो दिन पहले एक युवक ने रेल के आगे जान दे दी थी, उस वक्त यह नाबालिग साथ थी। युवक के परिजनों ने नाबालिग और उसके परिजनों पर हत्या का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस और आश्रय स्थल की नाबालिग की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
पचपदरा पुलिस उपाधीक्षक भूपेन्द्र चौधरी ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे बालोतरा व खेड़ रेलवे स्टेशन के बीच नाबालिग ने जोधपुर-बाड़मेर रेलगाड़ी के आगे कूद आत्महत्या कर ली। आश्रय स्थल केयर टेकर की रिपोर्ट पर मर्ग का प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंपा।

दो दिन पहले की घटना
गुरुवार देर रात को बाड़मेर-यशवंतपुर रेलगाड़ी से कट कर खेड़ निवासी राजूराम (34) पुत्र भंवराराम भाट की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि उस वक्त यह नाबालिग साथ में थी। यह रेल के आगे कूदने से पहले पीछे खिसक गई थी। दोनों का प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है। इधर, मृतक राजूराम के परिजनों ने नाबालिग युवती के परिजनों पर हत्या का मामला दर्ज करवाया था।
आश्रय स्थल पर सवालिया निशान
नाबालिग को पुलिस ने परिजनों को सुपुर्द नहीं किया था। इसको हत्या के मामले में नामजद होने के कारण आश्रय स्थल पर रखा गया। बताया जाता है यह आश्रय स्थल नगर परिषद का है, जिसका संचालन एक एनजीओ कर रहा है। जहां पर से कोई भी आकर ठहर सकता है। लापरवाही की इसे हद ही माना जाएगा कि यह मामला गंभीर था। युवक के साथ नाबालिग आत्महत्या को आने की बात सामने आई थी। यानि नाबालिग के मानसिक संतुलन को लेकर स्थिति ठीक नहीं कही जा सकती है। इसके बाद युवक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। लिहाजा इस नाबालिग का अकेला यहां आश्रय स्थल पर रहना भी ठीक नहीं माना जा सकता है। दो दिन के मानसिक दबाव में आश्रय स्थल में रही यह युवती कब यहां से निकली इसकी परवाह भी किसी ने नहीं की। घटना के बाद में यह मामला दर्ज करवाया गया। इस पूरे प्रकरण में गंभीर लापरवाही से इंकार नहीं किया जा सकता है।

एनजीओ के खिलाफ कार्यवाही करेंगे
हमने एनजीओ को सौंप दिया। एनजीओ की लापरवाही है, कार्यवाही की जाएगी।
- हरिशंकर, पुलिस अधीक्षक

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