scriptखुद के अब खाने के लाले....जो स्कूल-आंगनबाड़ी को पाले | Now I want to eat my own food....the one who takes care of the school- | Patrika News

खुद के अब खाने के लाले....जो स्कूल-आंगनबाड़ी को पाले


- लाखों महिलाओं को मिल रहा कम मानदेय
- चतुर्थ श्रेणी बनाकर नियमित करने की उठाई मांग
- पचास साल में मानदेय 8000 तक भी नहीं पहुंचा

बाड़मेर

Published: November 24, 2021 12:28:46 pm

खुद के अब खाने के लाले....जो स्कूल-आंगनबाड़ी को पाले
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