कुरीतियों से लडऩे में सामाजिक निर्णय होते कारगर

Dilip dave

Publish: Feb, 15 2018 02:48:23 AM (IST)

Barmer, Rajasthan, India
कुरीतियों से लडऩे में सामाजिक निर्णय होते कारगर

वक्ताओं ने राजपुरोहित समाज के निर्णय का सराहा

 

 


बाड़मेर.राजस्थान पत्रिका के तत्वावधान में बुधवार को स्थानीय लक्ष्मीनगर में न मृत्यु भोज और न नशा विषय पर कार्यशाला हुई। इस विषय पर बोलते हुए डॉ. बंशीधर तातेड़ ने कहा कि पडित श्रीराम शर्मा ने जो बात कही कि हम सुधरेंगे तो समाज सुधरेगा, उसे राजपुरोहित समाज ने करके दिखाया है। जो कदम समाज ने उठाया है, वह सराहनीय पहल है। कुरीतियों से लडऩे में कानून इतना प्रभावी नहीं होता है, जितना सामाजिक निर्णय होता है। जब कुरीतियों के विरोध में व्यक्ति और समाज खड़े हो जाते हैं तो निर्णय के खिलाफ कोई नहीं जा सकता है।

आजाद सिंह ने कहा कि राजपुरोहित समाज का निर्णय बहुत ही प्रसन्नता के लायक है। मैं राजपुरोहित समाज के इस निर्णय का स्वागत करता हूं। इस तरह की पहल में सहयोग से सभी समाज आगे बढ़ेंगे और विकास करेंगे। श्रीमती निर्मला ने इस तरह की पहल बहुत ही अच्छी बात है, लेकिन इसको व्यवहार में लाना होगा। छोगालाल सोनी ने कहा कि जो लोग नशा करते हंै,उनका शरीर कमजोर हो जाता है। कमल पुंगलिया ने कहा कि यदि कोई मृत्यु भोज करता है तो हमें स्वयं को इस तरह के कार्यक्रम का बहिष्कार करना चाहिए। नरेन्द्र खत्री ने कहा कि मृत्यु भोज के बहिष्कार से हम सहमत है, इस कुरीति को लेकर आत्ममंथन करना जरूरी है। चन्दनसिंह ने कहा कि सामाजिक कुरीतियेंं पर जो अंकुश लगाने का प्रयास हुआ है, वह सराहनीय है। अन्य समाजों को भी इससे प्ररेणा लेकर आगे आना चाहिए। महेश पनपालिया ने कहा कि राजपुरोहित समाज ने पहले भी कई अच्छे निर्णय लिए है और हमें इस समाज से प्ररेणा लेनी चाहिए। ज्योति पनपालिया ने कहा कि हमें मृत्यु भोज और नशे पर रोक लगानी चाहिए।

महासभा के पदाधिकारियों ने बताया अनुकरणीय पहल
बाड़मेर पत्रिका. राजस्थान ब्राह्मण महासभा जिला शाखा बाड़मेर ने राजपुरोहित समाज की ओर से मृत्युभोज निषेध व नशाबंदी के निर्णयों का स्वागत किया है। महासभा के अध्यक्ष मांगीलाल शर्मा ने कहा कि राजपुरोहित समाज की ओर से गादीपति तुलसाराम की प्रेरणा से मृत्युभोज बंद करने, किसी भी तरह के नशे का सार्वजनिक समारोह में उपयोग नहीं करने, बारातियों की संख्या सीमित का निर्णय करना स्वागत योग्य है। इससे समाज विकास-पथ पर अग्रसर होगा।

प्रांतीय उपाध्यक्ष श्यामदास दुलानी ने कहा कि इस निर्णय से समाज की आर्थिक स्थिति में बदलाव आएगा और कुरीतियों पर लगाम लगाई जा सकेगी।
जिला प्रवक्ता ओम जोशी ने बताया कि राजपुरोहित समाज से प्रेरणा लेकर राजस्थान ब्राह्मण महासभा अन्य ब्राह्मण समाजों के घटकों से संपर्क कर इस तरह के निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

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