दिसंबर की ग्रेडिंग में तीसरे माह भी बड़वानी ने पाया प्रदेश में पहला स्थान

कुपोषण दूर करने में प्रदेश में प्रथम रहा बड़वानी जिला, एनआरसी में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग कर रहा लगातार नवाचार

By: vishal yadav

Published: 10 Jan 2021, 12:30 PM IST

बड़वानी. जिला महिला अस्पताल परिसर सहित जिले के 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित पोषण पुनर्वास केंद्र (बाल शक्ति केंद्र) में अति गंभीर कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उन्हें सबल, पोषित बनाने में बड़वानी जिला अक्टूबर, नवंबर और लगातार तीसरे माह दिसंबर की ग्रेडिंग में प्रदेश में सर्वोच्च स्थान पर आया है। उल्लेखनीय है कि गत माहों में कलेक्टर द्वारा एनआरसी केंद्रों में खिलौना बैंक की शुुरआत, बाल आकर्षित वाल पैटिंग्स सहित सतत और सख्त मॉनिटरिंग, ठंड से बचाव के लिए बच्चों को स्वेटर्स, जैकेट वितरण आदि नवाचार किए गए है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक अजय गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर के नवाचारों से बड़वानी जिला प्रदेश में जारी रैंकिंग में लगातार तीन माह अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में भी 169.29 बेड ऑक्यूपेसी के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर आया है, जो आकांक्षी जिले में शामिल बड़वानी जिले के लिए गौरवशाली उपलब्धि है। कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य व महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले, पदाधिकारियों, एनआरसी केंद्र के कार्यरत कर्मियों को दिया और इसे बरकरार रखने का आह्वान किया।
कोरोना काल में रही थी शून्य भर्ती
कलेक्टर ने कहा कि कुपोषण से जंग में पोषण पुनर्वास केंद्र शासन की एक महत्पूर्ण संस्था है, इसकी क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग करने का अपना प्रयास सतत जारी रखना होगा। बता दें कि जिले के 6 एनआरसी केंद्रों में 70 बेड की उपलब्धता है। कोरोना काल में लगभग शून्य भर्ती रही थी। इसके बाद शासन की इस महत्वपूर्ण संस्था को जिले में एक अभियान चलाकर बच्चों के पोषण स्तर का मूल्यांकन कर इन बेडो पर अति कम वजन के बच्चे भर्ती करते रहे और उन्हें सबल बनाने का प्रयास सफलतापूर्वक किया।
ये सकारात्मक नवाचार किए
कलेक्टर द्वारा अधिकारियों, दानदाताओं और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाले प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की। जनसहयोग से इन केंद्रों में एक-एक खिलौना बैंक की स्थापना करवाई गई। ठंड के दिनों में नववर्ष के प्रथम दिन एनआरसी में भर्ती बच्चों को मिठाई खिलाकर, स्वेटर वितरण किया। इन सकारात्मक उपायों से एनआरसी केंद्र में भर्ती कुपोषित बच्चा, इन खिलौनों से खेल कर अपना इलाज सफलतापूर्वक 14 दिन तक करवा सके।

Show More
vishal yadav Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned