Villagers protest - सरदार सरोवर बांध के बैकवाटर में कई मकान डूबे

डूब प्रभावित करेंगे जल सत्याग्रह, दो गांवों में जारी है क्रमिक अनशन
जलस्तर पहुंचा 138.100 मीटर
सरदार सरोवर बांध के बैक से कई गांव प्रभावित

By: tarunendra chauhan

Published: 17 Sep 2020, 11:02 AM IST

बड़वानी. सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर का असर बढऩे के बाद नर्मदा पट्टी के कई गांव प्रभावित हुए हैं। गांवों में पानी घुसने के बाद लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बांध के बैक वाटर के विरोध में डूब प्रभावितों का क्रमिक अनशन डूब गांव पिछोड़ी और अवल्दा में लगातार जारी है। गुरुवार को पिछोड़ी में डूब के विरोध में एक दिन का जल सत्याग्रह किया जाएगा। नर्मदा बचाओ आंदोलन के राहुल यादव ने बताया कि बिना पुनर्वास के नर्मदा घाटी में आई डूब के खिलाफ प्रभावित गांवों में डटे हुए हैं। बांध के बैक वाटर से पिछले साल आई डूब के बाद भी कई प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिला है। वहीं इस साल भी डूब की स्थिति निर्मित हो गई है। ऐसे में जिन लोगों को पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है, वे परेशानी झेल रहे हैं।

फिर खाली कर रहे हैं मकान
नर्मदा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के बाद डूब गांव जांगरवा में जो लोग अपने पुराने जर्जर मकानों में वापस रहने आ गए हैं, वे फिर से मकान खाली कर टीनशेड में जा रहे हैं। जांगरवा में बैक वाटर का असर बढऩे के बाद पिछले साल जो मकान डूब से प्रभावित हुए हैं, वे फिर से डूब रहे हैं। मकानों के डूबने के बाद लोग अपना सामान समेट रहे हैं। जांगरवा के डूब प्रभावितों ने बताया कि टीनशेड में जाने के बाद उन्हें खेती कार्य करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। टीनशेड की दूरी ज्यादा होने के कारण आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है।

बिना बिजली के रह रहे डूब गांव में
इधर राजघाट में नर्मदा का जलस्तर बढ़कर 138 .100 मीटर पर पहुंच गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के बाद भी राजघाट में कई परिवार रह रहे हैं। बिना बिजली के यहां ये परिवार निवास कर रहे हैं। वहीं पीने के पानी के लिए भी इन्हें मशक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राजघाट के प्रभावितों की मानें तो डूब आने के बाद भी उन्हें पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है।

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tarunendra chauhan Desk
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