Amritkaur Hospital: यहाँ की सफाई देख कर हुए नाखुश

कायाकल्प योजना में किया निरीक्षण

By: sunil jain

Published: 13 Aug 2019, 06:52 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
ब्यावर. यहां पर सफाई नहीं की, पानी भरा हुआ है। इस पानी से कोई फिसल सकता है। इसकी सफाई नहीं की गई। यह सफाई करवाने की जिम्मेदारी अपनी है। इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। अमृतकौर चिकित्सालय का कायाकल्प योजना के तहत सोमवार को राजसमंद से आई दो दिवसीय टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान मातृ-शिशु चिकित्सालय में लगे वाटर कूलर के सामने जमा पानी को देखकर यह बात कहीं। निरीक्षण दल की राजसमंद की नोडल अधिकारी डॉ. सुनिता प्रकाश महात्मा व नर्सिग अधीक्षक नरेन्द्रप्रकाश निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने वार्ड वार व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान विभिन्न जगहों पर रखे गए डस्टबीन को भी गहनता से देखा और कचरा संग्रहण के तरीको का जायजा लिया। दल ने मदर चाइल्उ विंग के विभिन्न वार्डों सहित ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी तथा मुख्य भवन में ओपीडी, विभिन्न काउटन्टर, डीडीसी स्टोर, ट्रोमा व सर्जिकल वार्ड का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान हेल्थ मैनेजर सिद्धांत जोशी, नर्सिग अधीक्षक सी.पी.शर्मा व चन्द्रवीरसिंह सहित अन्य साथ रहे। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बात कर भी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी जुटाई। अब यह टीम अंक देगी और इसके बाद अस्पताल की रेटिंग तय होगी।


मूल्याकंन के बाद मिलती रेटिंग
केंद्र सरकार ने देश के जिला अस्पतालों की हालत सुधारने के लिए काया कल्प योजना शुरू की थी। योजना के तहत अस्पतालों में मरीजों से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाने और उनकी गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए स्टैंडर्ड बनाया है। इसमें विभिन्‍न बिंदुओं पर अस्पताल का मूल्यांकन किया जाता है।

यह है गाइड लाइन
काया कल्प योजना में इलाज सुविधाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ, मरीज की संख्या के आधार पर रेटिंग तय की जाती है। इसके अलावा वेंटीलेटर, प्रति बेड डॉक्टर और नर्स की संख्या, ओटी इक्यूपमेंट, एयर फिल्टर, संक्रमण से बचाव, ऑपरेशन में प्रोटोकाल का पालन, मरीज को कितने समय में इलाज मिला यह भी देखा जाता है।

गत वर्ष दूसरा स्थान

योजना के तहत अभी तक ऐसा कोई अस्पताल नहीं है जो लगातार पहले तीन स्थानों में शामिल रहा है। योजना के तहत राजकीय अमृतकौर अस्पताल पहली बार तीसरे स्थान पर रहा। इसके बाद लगातार दो सालों तक अमृतकौर अस्पताल संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहा। गत वर्ष एकेएच अन्य अस्पतालों को पीछे छोड़ते हुए दूसरे स्थान पर रहा।

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