प्रधानमंत्री जी, चेहरा देखकर दिया जा रहा है योजनाओं का लाभ, गांव-गरीब की पहुंच से दूर है योजनाएं

प्रधानमंत्री जी, चेहरा देखकर दिया जा रहा है योजनाओं का लाभ, गांव-गरीब की पहुंच से दूर है योजनाएं

Laxmi Narayan Dewangan | Publish: Sep, 09 2018 08:12:34 PM (IST) Bemetara, Chhattisgarh, India

एक मजबूर पिता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बताई सच्चाई, उच्च शिक्षा ऋण के लिए चार माह से बैंकों का चक्कर काट रहा ग्रामीण

बेमेतरा/नवागढ़. सरकार जनहित में विभिन्न सरकारी योजनाएं संचालित करने का दावा करती है, लेकिन यथार्थ में इन योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को नहीं मिल रहा है। योजनाओं का लाभ अधिकारी चेहरा देखकर अपने चहेतों को दिला रहे हैं। नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम तेंदुवा निवासी एक ग्रामीण ने भी अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए सरकारी योजना के तहत ऋण मांगा, जिसे चार माह से अधिकारी बैंकों के चक्कर लगवा रहे हैं।

परेशान होकर ग्रामीण ने पीएम को लिखा पत्र

जिससे परेशान होकर ग्रामीण ने पीएम को पत्र लिखकर लोक-लुभावन विज्ञापनों का प्रचार-प्रसार बंद करने या फिर जरुरतमंदों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने की मांग की है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण, ब्याज अनुदान योजना सहित तमाम लोक लुभावन विज्ञापनों पर भरोसा कर ग्राम तेंदुवा निवासी मंतराम साहू ने लोक सुराज अभियान में बेटी व बेटे के अध्यापन के लिए शिक्षा ऋण की मांग की। मंतराम के पत्र को शासन ने भारतीय स्टेट बैंक के नवागढ़ ब्रांच को भेज दिया।

पहले बैंक ने मंगाए कई दस्तावेज, फिर भी नहीं दिया लोन
25 मई को डाक से नवागढ़ बैंक ने मंतराम को यह सूचना दी कि लोक सुराज में दिए आवेदन के तहत ऋण के लिए पेनकार्ड, आधार कार्ड की छायाप्रति, पिता का यदि लोन हो तो स्टेटमेंक, दसवीं-बारहवीं की मार्कशीट, कॉलेज में एडमिशन की पावती, कॉलेज कोर्स की फीस प्रोजेक्ट लेकर 7 दिन में संपर्क करें। पत्र मिलने के बाद मंतराम नवागढ़ आया तो उसे कहा गया कि एक सप्ताह बाद आना।

छग राज्य ग्रामीण बैंक से कोई जवाब नहीं मिला

जब वह दूसरी बार आया तो शाखा प्रबंधक ने पत्र में यह लिख दिया कि हमारी शाखा का कार्यक्षेत्र 15 किमी तक सीमित है। अत: आप तदानुसार सुनिश्चित करें। नवागढ़ ब्लॉक में नवागढ़ एवं टेमरी दो जगह ही एसबीआई की ब्रांच है। दोनों की दूरी तेंदुवा से 15 किमी से अधिक है। छग राज्य ग्रामीण बैंक की शाखा संबलपुर में भी आवेदन दिया पर वहां से कोई जवाब नहीं मिला।

लाभ नहीं दिला सकते तो बंद करो योजना
बैंकों के रवैए व कलक्टर जनदर्शन से निराश मंतराम ने 19 जुलाई को प्रधानमंत्री कार्यालय पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि मेरी बेटी मोहिनी साहू हाईस्कूल में 81 प्रतिशत, हायर सेकंडरी स्कूल में 82.4 प्रतिशत अंक लेकर बीएससी (आईटी) द्वितीय वर्ष में पढ़ रही है। बेटा भवानी प्रसाद एमकाम पूर्व में अध्ययनरत है। मैंने अपने बच्चों को बेहतर व उच्च शिक्षा दिलाने के लिए लुभावने सरकारी विज्ञापनों का भरोसा कर शिक्षा ऋण के लिए आवेदन दिया था।

प्रधानमंत्री जी मुझे शिक्षा ऋण दिला दीजिए

जिसमें बैंक से जवाब मिला कि गांव बैंक से 15 किमी दूर है। प्रधानमंत्री जी मुझे शिक्षा ऋण दिला दीजिए और यदि लाभ नहीं दिला सकते तो योजना बंद कराइए, जो गांव व गरीब की पहुंच से दूर है। 31 जुलाई को पीएमओ कार्यालय के अनुविभागीय अधिकारी मुकुल दीक्षित ने सचिव वित्तीय सेवा विभाग को पत्र भेजकर इंटरनेट से निराकरण जानने की सूचना दे दी है।

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