ट्रेनों के स्टॉपेज नहीं होने पर सांसद का पुतला फूंका

ट्रेनों के स्टॉपेज नहीं होने पर सांसद का पुतला फूंका

Pradeep Sahu | Publish: Aug, 21 2018 12:09:03 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

सर्वदलीय मंच ने जताई नाराजगी

मुलताई. पवित्र नगरी होने के बावजूद नगर में प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं होने से नगर सहित पूरे क्षेत्रवासी आहत हैं। विरोध स्वरूप सोमवार को सर्वदलीय मंच द्वारा इसकी जिम्मेदार सांसद ज्योति धुर्वे का बस स्टेंड पर पुतला दहन करते हुए सांसद मुर्दाबाद के नारे लगाए। सर्वदलीय मंच के तहत समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, शिवसेना तथा बहुजन समाज पार्टी के नेता एकजुट हुए तथा जमकर नारेबाजी करते हुए सांसद का पुतला फूंका। सर्वदलीय मंच के अनिल सोनी, रजनीश गिरे, किशोरसिंह परिहार सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि सांसद की निष्क्रियता के कारण पवित्र नगरी में प्रमुख ट्रेनों का स्टापेज नहीं हो रहा है । सदस्यों ने बताया कि सांसद द्वारा विगत 10 वर्षों में ट्रेनों के स्टापेज के लिए कोई भी महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाए। जन मंच के सदस्यों ने कहा कि जीएम द्वारा जारी विज्ञप्ति में सांसद ज्योति धुर्वे द्वारा मुलताई में ट्रेनों के स्टॉपेज का कोई उल्लेख नहीं है। इससे साफ है कि सांसद द्वारा झूठी वाहवाही बटोरने का प्रयास किया जा रहा है। सदस्यों ने बताया कि विगत 10 वर्षों में सांसद ने मात्र लोगों को आश्वासन ही दिया है ट्रेन रोकने के लिए गंभीरता से प्रयास नही किए जिससे नागरिकों में रोष है। उन्होंने बताया कि परासिया-मुंबई ट्रेन के स्टापेज के लिए भी जन आंदोलन मंच द्वारा प्रयास किया गया जिसके बाद ही ट्रेनों का स्टापेज हो सका। गौरतलब है कि आगामी 22 अगस्त को जन आंदोलन मंच द्वारा ट्रेन स्टापेज के लिए नगर बंद का आव्हान करते हुए आंदोलन का ऐलान किया गया है।

एक परिसर शाला आदेश का विरोध
सारनी. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक परिसर शाला आदेश जारी किए हैं। जिसका प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया है। समग्र शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री नारायण सिंह नगदे ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राथमिक, माध्यमिक और हाई स्कूल प्रभारियों के पद समाप्त करना चाह रही है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक परिसर शाला आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार कक्षा 1 से कक्षा 12 तक नजदीकि शाला को एक ही परिसर शाला बनाना है। समग्र शिक्षक संघ द्वारा 13 बिन्दुओं पर शिक्षा विभाग को अवगत कराया है। जिसमें स्पष्ट किया है कि आदेश पर अमल करने से शिक्षा की गुणवत्ता, छात्रों की सुविधा और सुरक्षा की समस्या सामने आएगी। साथ ही प्रदेश भर में करीब 5 हजार प्रधान पाठकों के पद समाप्त हो जाएंगे। आदेश निरस्त नहीं करने की दशा में शिक्षकों व अध्यापकों द्वारा संयुक्त मोर्चा बनाकर कलेक्टर, डीईओ को ज्ञापन सौंपने की रूपरेखा तैयार करेंगे।

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