शहर में हो रही खुदाई से बीएसएनएल की संचार सेवा ठप

दूर संचार विभाग के एसडीओ ने खुदाई कार्य पर रोक लगाने कलेक्टर से कहा

By: pradeep sahu

Published: 03 Apr 2019, 05:01 AM IST

सारनी. सड़क निर्माण, जियो की नेटवर्क लाइन और जलावर्धन योजना की पाइप लाइन के लिए चल रहे खुदाई के कार्य से भारतीय दूर संचार निगम लिमिटेड की संचार सेवाएं बार-बार ठप हो रही है। इससे सिर्फ शहरी क्षेत्र ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की सेवाएं भी बाधित हो रही है। दूर संचार सेवा ठप रहने से चुनाव संबंधित कार्यों के अलावा इंटरनेट सेवाएं भी बार-बार बंद हो रही है। जिससे आम जनता के अलावा शासन, प्रशासन भी परेशान है।
इधर दूर संचार विभाग के एसडीओ जेपी बबेले द्वारा साफ तौर से कहा जा रहा है कि सड़क निर्माण, जियो की नेटवर्क लाइन और जलावर्धन योजना के कार्य के चलते सारनी, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, बैतूल और शाहपुर से लेकर इटारसी तक नेटवर्क सेवाएं ठप हो रही है। जिससे कंपनी को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। एसडीओ ने इस मामले को लेकर निर्वाचन अधिकारी से आग्रह किया है कि चुनावी कार्य प्रभावित नहीं हो। इसको ध्यान में रखते हुए खुदाई के कार्य पर रोक लगाई जाए। उन्होंने बताया विधानसभा चुनाव में खुदाई के कार्य पर रोक लगा दिया गया था। जिससे नेटवर्क सेवाएं बाधित नहीं हुई।

150 ब्रॉडबैंड सेवाएं बंद- नगरपालिका परिषद सारनी अंतर्गत जलार्वधन योजना का काम जोरशोर से चल रहा है। पूरे शहर में पाइप लाइन बिछाने का कार्य जेसीबी की मदद से गड्ढा कर किया जा रहा है। खुदाई के दौरान दूर संचार केबल (ओएफसी) ऑप्टिकल फाइबर केबल जेसीबी की चपेट में आने से बार-बार कट जा रहा है। अब तक करीब 50 से अधिक स्थानों पर केबल कटने की घटनाएं हो गई है। इससे शहर की लगभग 150 ब्रॉडबैंड सेवाएं ठप है। जिससे बीएसएनएल कंपनी को नुकसान वहन करना पड़ रहा है।

मरम्मत कार्य में जुटी पूरी टीम -बीएसएनएल की दूर संचार केबल शहरी क्षेत्र में इतने ज्यादा स्थानों से कट गई है कि कंपनी का कार्य छोड़कर कर्मचारियों को केबल मरम्मत करना पड़ रहा है। यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं है। बीते चार माह से यह सिलसिला बदस्तूर जारी है। दूर संचार विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों का कहना है कि जब तक खुदाई के कार्य बंद नहीं होंगे तब तक संचार सेवा दुरस्थ होना संभव नहीं है। इसके लिए हमारे द्वारा संबंधित विभाग को कई बार पत्र भी लिखे हैं, लेकिन ठेका कंपनी अपनी हटधर्मी छोडऩे को तैयार नहीं है।

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