
राज्यपाल राम नाईक ने कहा, कालीन उद्योग के लिये हमेशा खुले हैं राज भवन के दरवाजे
भदोही. राज्यपाल राम नाईक एकमा कालीन भवन मेंनिर्यातकों से मिले। हस्तनिर्मित कालीनों की राज्यपाल ने प्रसंशा की। राम नाईक ने कालीन उद्योग को देश की बड़ी विरासत बताया। साथ ही कहा कि, कालीन उद्योग के लिये हमेशा खुले हैं राज भवन के दरवाजे। यूपी के लोग भाग्यवान है, पीएम और सीएम उद्योग और व्यापार के लिए काम कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक कालीन नगरी भदोही दौरे के दौरान बुनकरों की कुशल कारीगरी से रूबरू हुए और उनके द्वारा बनाई रेशमी कालीनों का अवलोकन करते हुए निर्यातकों को सम्बोधित किया। यहां उन्होंने ब्रम्हकुमारी विश्व शांति भवन का अनावरण किया। उन्होंने प्रख्यात ठुमरी गायिका गिरिजा देवी की निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए उनके पूरे जीवन को संगीतमय बताया।
उन्होंने राममंदिर व राम राज्य पर कहा कि, अयोध्या में कार्यक्रम हुए हैं उसने देशवासियों में नई चेतना पैदा की है और इसी पथ पर चलना रामराज्य का निर्माण करना है। राज्यपाल राम नाईक आज भदोही दौरे पर थे। वे आज सुबह लगभग दस बजे भदोही पहुंच गए। जहां वे अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए और कालीन निर्यातकों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि, कालीन उद्योग देश की संस्कृति है। यह उद्योग लगातार बढ़ रहा है और निर्यात में इजाफा हो रहा है। इस उद्योग के लिए राजभवन के दरवाजे हमेशा खुले हैं। इस उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए जो भी मदद चाहिए होगी उसके लिए उनके द्वारा भी प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने भदोही के बुनकरों द्वारा बनाई गई रेशमी कालीनों का अवलोकन करने के बाद कुशल कारीगरी की तारीफ की। कालीन निर्यातकों द्वारा यहां उन्हें हांथो से बनी कालीन भी भेंट की गई। इसके पश्चात राज्यपाल भदोही में रजपुरा स्थित प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विश्व शांति भवन के शिलापट्ट का अनावरण किया और वहां उपस्थित जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि, ब्रमकुमारी संस्था एक ऐसी संस्था है। जो महिलाओं द्वारा संचालित कर चरित्र निर्माण का कार्य किया जा रहा है। महिलाएं देश मे आगे बढ़ रही हैं।
यूपी के विश्वविद्यालयों में 45 फीसदी से अधिक लड़किया शिक्षा ले रही हैं। यह महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है। इस दौरान कार्यक्रम के सम्पन्न होने के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने प्रख्यात गायिका गिरिजा देवी के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि, उनका सम्पूर्ण जीवन संगीतमय रहा। संगीत के लिए उन्होंने अपने जीवन को सपर्पित कर दिया। संगीत के क्षेत्र में उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि, उन्हें हाल ही में बनारस में गिरिजा देवी को सम्मानित करने का मौका मिला और यह उनके लिए सौभाग्य की बात है।
input- महेश जायसवाल
Published on:
25 Oct 2017 03:28 pm
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